आंदोलनकारी अधिवक्ता रितेश कुमार मिश्र ने जिलाधिकारी महोदय संबोधित तीन सूत्रीय मांगपत्र का सौंपा ज्ञापन।

रिपोर्ट:- शिवा वर्मा संपादक
बाराबंकी। स्व० श्री अवध बिहारी मिश्र सेवा ट्रस्ट अध्यक्ष आंदोलनकारी अधिवक्ता रितेश कुमार मिश्र ने जिलाधिकारी महोदय संबोधित तीन सूत्रीय मांगपत्र का ज्ञापन 1- छाया चौराहे पर ही पूर्ववत स्थान पर महापुरुषों की मूर्तियों को पुनः स्थापित किया जाए।2. मूर्तियों को तोड़ने के आदेश/कार्यवाही की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।3. मिनी घंटाघर का निर्माण अन्य उपयुक्त स्थान पर किया जाए का जनहित पत्र अपर जिलाधिकारी राज कुमार सिंह को दिया ।
अवगत कराना है कि चौराहे पर वर्षों से राष्ट्र के गौरव संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर, आजाद हिंद फौज का गठन करने वाले व द्वितीय युद्ध के दौरान अंग्रेज से लड़ने वाले नेताजी सुभाष चंद्र बोस, आखिल भारतीय दलित वर्ग लीग के नेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री मा0 बाबू जगजीवन राम एवं समाजवादी विचारक नेता स्व० राम सेवक यादव जी की मूर्तियां स्थापित थीं जो जनपद की सामाजिक समरसता, इतिहास और गौरव का प्रतीक थीं।
अत्यंत खेद का विषय है कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा बिना किसी जनसुनवाई और बिना जनप्रतिनिधियों/सामाजिक संगठनों से सलाह लिए उपरोक्त मूर्तियों को तोड़ दिया गया है। बताया जा रहा है कि उक्त स्थान पर “मिनी घंटाघर” का निर्माण किया जाना है।
हम आमजन इसका विरोध हैं क्योंकि मूर्तियों को हटाने से पूर्व जनता की भावनाओं को आहत किया गया है।, डॉ. आंबेडकर, नेताजी, बाबू जगजीवन राम जैसे महापुरुष राष्ट्रीय धरोहर हैं। उनकी अवहेलना संविधान और देश के सम्मान के विरुद्ध है तथा विकास के नाम पर इतिहास और सामाजिक प्रतीकों को मिटाना उचित नहीं है।
उपरोक्त संबंध में अविलंब कदम उठाये जाने हेतु जनहित अधोहस्ताक्षरी द्वारा निम्नलिखित मांग पत्र/जनहित पत्र प्रस्तुत कर रहा है –
1. मूर्तियों को तोड़ने के आदेश/कार्यवाही की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
2. छाया चौराहे पर ही पूर्ववत स्थान पर महापुरुषों की मूर्तियों को पुनः स्थापित किया जाए।
3. मिनी घंटाघर का निर्माण अन्य उपयुक्त स्थान पर किया जाए।
आंदोलनकारी अधिवक्ता मिश्र ने बताया कि प्रभुत्व वर्ग महाराणा प्रताप सिंह की एक तरफ चौराहे पर मूर्ति लगवाने की मांग चल रही है वहीं दूसरे ओर चार महान विभूतियों के नाम से जाना जाने वाले छाया चौराहे की मूर्तियों को तोड़ कर साजिशन महापुरुषों की पहचान खत्म किया जा रहा है जो जनभावनाओं को अपमानित किया जा रहा है अगर पुनः छाया चौराहे पर ही पूर्ववत स्थान पर महापुरुषों की मूर्तियों को पुनः स्थापित कर मूर्तियों को तोड़ने के आदेश/कार्यवाही की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए अन्यथा संगठन धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगा।
ज्ञापन देने में आंदोलनकारी अधिवक्ता रितेश कुमार मिश्र सहित पवन मिश्रा, संजय गांधी,दिवाकर सिंह, रजनीश शुक्ला,अरविन्द शुक्ला, रितेश कुमार, बलराम सिंह, सुमन देवी,श्रीकांत, शुभम शर्मा, राहुल सैनी, हिमांशु सैनी, सचिन गुप्ता, नमिता जैन, विष्णु शुक्ला आदि।




