कलम दवात की पूजा कर मिठाईयां बांटकर धूमधाम से मनाई भगवान चित्रगुप्त जयंती।

रिपोर्ट:-आकांक्षा वर्मा
बाराबंकी। प्राचीन भगवान चित्रगुप्त महादेव मंदिर गुलारिया गार्दा में कायस्थों ने कलम दवात की पूजा कर मिठाईयां बांटकर धूमधाम से मनाई भगवान चित्रगुप्त जयंती।
मंदिर सेवा समिति द्वारा आयोजित कलम दवात पूजा कार्यक्रम में जिले के कोने कोने से आए कायस्थों का स्वागत किया गया। इस मौके पर आयोजक निखिल निगम द्वारा पूजा में आए वरिष्ठ कायस्थ समाज के हरिशंकर निगम व गणेश प्रसाद श्रीवास्तव जी को चित्रगुप्त भगवान की फ्रेम मढ़ी फोटो प्रतीक चिन्ह के रूप में प्रदान की गई।

कमेटी कार्यक्रम संयोजक वरिष्ठ अधिवक्ता आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि मान्यता के अनुसार कायस्थ समाज की उत्पत्ति चित्रगुप्त जी से हूई है। इसलिए भारत का कायस्थ समाज चित्रगुप्त महाराज को अपना सबसे खास देवता मानते हैं। इस समाज द्वारा हर साल चित्रगुप्त पूजा को ‘कलम-दवात पूजा’ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन कलम-दवात, खाते-बही, कागज-पेन की पूजा की जाती है। इस पूजा को धर्म और कर्म के लेखा-जोखा का पर्व भी कहा जाता है।
कमेटी संयोजक डा0 नवनीत प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया के भगवान चित्रगुप्त के पास हर जीव के अच्छे और बुरे कर्मों की पूरी जानकारी होती है, जिसे मृत्यु के बाद यमराज के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। शास्त्रों के अनुसार, चित्रगुप्त जी को भगवान ब्रह्मा के ‘मन से उत्पन्न’ पुत्र माना गया है। यह भी मान्यता है कि वे कलम-दवात लेकर जन्मे पहले देवता हैं। इसीलिए वे लेखकों, शिक्षकों, बुद्धिजीवियों और न्यायप्रिय लोगों के आदर्श देवता माने जाते हैं।

इस मौके पर पूजा में शामिल हुए रामकथा वाचक अरविन्द व्यास जी ने कहा चित्रगुप्त महाराज हिन्दू धर्म में एक ऐसे देवता हैं जिन्हें यमराज के सचिव या लेखाकार के रूप में जाना जाता है।
कार्यक्रम में विकास राज श्रीवास्तव, आलोक श्रीवास्तव, मनमीत श्रीवास्तव, आशू श्रीवास्त्व, निश्च्ल निगम, प्रभात वर्मा, आशीष शरण गुप्ता, विनय लाला, डाॅ प्रकाश श्रीवास्तव, दिलीप श्रीवास्तव, विशाल जी, सुधीर गुप्ता, सुभाष गुप्ता देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, विनय श्रीवास्तव इंजी0, शिवम निगम, अभिषेक निगम, शिवकुमार निगम, ब्रजेश श्रीवास्तव, अखिलेश व अभिषेक श्रीवास्तव, रतन श्रीवास्तव शामिल हुए।




