गौवंश के शवों की दुर्दशा,ग्राम पंचायत कंधईपुर मे

संवाददाता मान बहादुर सिंह
रामसनेहीघाट बाराबंकी:सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ की गौवंश की सुरक्षा व गौशाला की समुचित व्यवस्था। विकास खंड बनीकोडर की ग्राम पंचायत कंधईपुर की कागजी सफेदी जितनी ज्यादा हैं लेकिन जमीनी हकीकत उतनी ही काली दर्दनाक और शर्मनाक है। आएं दिन अखबारों व चैनलों की सुर्खियों में आप देखते, सुनते हैं कि गौशालाओं की दुर्दशा पर शासन ने दिए जांच के आदेश , लेकिन अफसोस कि जांच की आंच कब धीमी पड़ जाती है। आम जनमानस को पता ही नहीं चलता। थक हार आम आदमी यही कहता नजर आता है कि हमाम में सब नंगे हैं तो कारवाई करेगा कौन।
हम बात करते हैं कि गौशालाओं में बीमारी ठंड या अन्य कारणो से मरने वाले गौवंशीय पशुओं की जिनकी मृत्यु होने पर गडढा खोद कर दफन करना चाहिए लेकिन विकास खंड बनीकोडर के कंधईपुर स्थित गौशाला में मृत होने वाले गौवंशीय पशु के शव को गौशाला के बाहर ही खुले आम, खुले मैदान में आसमान के नीचे छोड़ दिया जा रहा। जिससे गौवंश के शवों की दुर्दशा तों होती ही है साथ साथ संक्रमण से अन्य पशुओं के बीमार होने का खतरा बरकरार है, तों आम जनमानस भयंकर दुर्गंध से भी पीड़ित हैं। लेकिन इसे विकास खंड बनीकोडर के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी की हीलाहवाली कहें, कि खाओ कमाओ मिशन या फिर सूबे के सरकार योगी आदित्यनाथ के आदेशों की अवहेलना कुल मिलाकर कुछ भी हों लेकिन कंधईपुर गौवंशीय के गौवंशीय पशुओं के शव की दुर्दशा पूरे शासन प्रशासन के गाल पर तमाचा है।




