दीपावली विशेष: रोशनी, खुशियों और आस्था का महापर्व, दीपों की जगमगाहट से रोशन हुई देशभर की गलियां, घर-घर विराजीं मां लक्ष्मी।

(शिवा वर्मा संपादक)
दीपावली विशेष। अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और निराशा पर उम्मीद की जीत का प्रतीक दीपावली का पर्व देशभर में हर्षोल्लास, श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। दीपों की जगमगाहट, रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक रंगोलियां और घर-घर गूंजते मंगल गीत इस पर्व की खूबसूरती को चार चांद लगा देते हैं। दीपावली केवल रोशनी का त्योहार नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा, प्रेम, भाईचारे और आपसी सद्भाव का महापर्व है।
भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है दीपोत्सव।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेतायुग में 14 वर्षों का वनवास पूरा करने के बाद भगवान श्रीराम माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने पूरे नगर को दीपों से रोशन कर दिया था। तभी से दीपावली को प्रकाश पर्व के रूप में मनाने की परंपरा चली आ रही है। यह पर्व हमें संदेश देता है कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां क्यों न आएं, अंततः सत्य और धर्म की ही विजय होती है।



