रायबरेली: मंदिर और महल में चोरी का खुलासा, पांच लाख के सामान के साथ दो आरोपी गिरफ्तार।
डीह पुलिस ने हरिकेश पासी और रिंकू को पकड़ा, शिव-पार्वती प्रतिमा, द्वारपाल की मूर्तियों और चांदी के बर्तनों समेत नकदी चोरी करने का आरोप। वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी।
रिपोर्ट:-नीरज शर्मा
रायबरेली। जिले के डीह थाना क्षेत्र में मंदिर और महल में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने चोरी के करीब पांच लाख रुपये कीमत के सामान के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरिकेश पासी उर्फ बगदादी और रिंकू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
पुलिस के मुताबिक, ग्राम बेतौरा निवासी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने थाना डीह में तहरीर देकर बताया था कि 1 अक्टूबर 2026 की रात कोट टेकारी स्थित मंदिर के दरवाजे का ताला तोड़कर चोरों ने शिव-पार्वती की प्राचीन धातु की प्रतिमा और दो द्वारपाल प्रतिमाएं चोरी कर ली थीं। इसके अलावा ऊपर के कमरे में रखी अलमारी से करीब 3.50 से 4 लाख रुपये नकद और चांदी के पुराने बर्तन भी चोरी किए गए थे। तहरीर के आधार पर थाना डीह में मुकदमा संख्या 181/2026 के तहत धारा 305 और 331(4) बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया था। मुखबिर की सूचना पर दो आरोपी गिरफ्तार । पुलिस अधीक्षक रायबरेली रवि कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत 6 नवंबर 2026 को थाना डीह पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर थाना क्षेत्र से दो वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरिकेश पासी उर्फ बगदादी पुत्र स्वर्गीय श्रीपाल, निवासी ग्राम बेतौरा, थाना डीह और रिंकू पुत्र विपत उर्फ कल्लू वनमानुष, निवासी ग्राम थुलेंडी, थाना बछरावां, जनपद रायबरेली के रूप में हुई है।
पुलिस ने बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोतरी की है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है। जेल में मुलाकात के दौरान बनाई थी चोरी की योजना पुलिस की पूछताछ के अनुसार, आरोपी रिंकू ने बताया कि करीब छह महीने पहले जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात हरिकेश पासी उर्फ बगदादी और दो अन्य अज्ञात व्यक्तियों से हुई थी। इसी दौरान टेकारी स्टेट के महल और मंदिर में चोरी की योजना बनाई गई थी।
पुलिस के मुताबिक, जेल से छूटने के बाद 29 सितंबर 2026 को रायबरेली में सभी ने मिलकर योजना को अंतिम रूप दिया और 1/2 अक्टूबर की रात महल तथा मंदिर के ताले तोड़कर चोरी की घटना को अंजाम दिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चोरी में शिव-पार्वती की सफेद धातु की प्रतिमा, पीली धातु की दो द्वारपाल प्रतिमाएं, नकदी, चांदी की थाली-प्लेट, चांदी के आठ सिक्के, प्राचीन तलवार, खंजर और चाकू शामिल थे।
पुलिस के अनुसार, घटना का नेतृत्व दिनेश उर्फ दन्ना कर रहा था। उसने रिंकू और हरिकेश को 7,500-7,500 रुपये तथा दो-दो चांदी के सिक्के दिए थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि प्राचीन खंजर, चाकू और तलवार हरिकेश ने अपने पास रख लिए थे, जबकि शिव-पार्वती की प्रतिमा, दोनों द्वारपाल प्रतिमाएं, चांदी की थाली-प्लेट और चार सिक्के अन्य साथी अपने साथ ले गए थे।
पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और शेष चोरी के सामान की बरामदगी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।




