नवागंतुक छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित हुआ ‘‘दीक्षारम्भ 2025-26‘‘(ओरिएंटेशन प्रोग्राम)।

रिपोर्ट:-आकांक्षा वर्मा।
बाराबंकी। सतरिख स्थित टी आर सी लॉ कॉलेज में दिनांक 25 अगस्त, 2025 को विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी बी.ए.एलएल.बी. के नवागंतुक छात्र-छात्राओं के लिए ‘‘दीक्षारम्भ 2025-26
(ओरिएंटेशन प्रोग्राम) का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ भव्य रूप में किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित वैद्यस् आईसीएस, लखनऊ के निदेशक डा. प्रत्युष मणि त्रिपाठी, कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष डा. सुजीत चतुर्वेदी एवं प्राचार्य डा. अश्वनी कुमार गुप्ता ने संयुक्त रूप से माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं पुष्प अर्पित कर किया। तत्पश्चात् छात्र जितेन्द्र शाहू द्वारा सरस्वती वन्दना व अनुराग सिंह द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया।
प्राचार्य डा. अश्वनी कुमार गुप्ता ने आये हुए सभी सम्मानित अतिथियों का स्वागत करते हुए सभी नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत किया। कॉलेज विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक कार्यक्रमों की विस्तार से चर्चा की एवं कैस ये सारे संसाधन उनके व्यक्तित्व विकास में सहभागी हो सकते हैं। कॉलेज पुस्तकालय के बारे में उपलब्ध ई-रिसोर्सेस के बारे में बताया कि कैसे कोई विद्यार्थी इसके इस्तेमाल से ज्ञानार्जन कर सकता है। विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए विद्यार्थियों की विभिन्न समितियों में सहभागिता कैसे मिलती है। खेल गतिविधियों एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में हिस्सेदारी कर कैसे वे अपना सर्वांगीण विकास कर सकते हैं। अधिवक्ता कौशल विकसित करने के लिए एवं उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संस्थान कैसे मदद कर सकता है। इसके बारे में विस्तार से बताया। मुख्य अतिथि डा. प्रत्युष त्रिपाठी ने कहा कि समाज में एक अधिवक्ता की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका है। जिस प्रकार एक शल्य चिकित्सक शल्य क्रिया द्वारा रोगी को रोगमुक्त करता है उसी प्रकार एक अधिवक्ता समाज में व्याप्त अपराध एवं अन्याय से मुक्ति दिलाता है। उन्होने विधि की शिक्षा के आधार पर भारतीय विधिक सेवा, पी.सी.एस.(जे.), ए.पी.ओ., लॉ अफसर एवं शासकीय एवं निजी क्षेत्र की संस्थाओ में अवसरों के बारे में बताया और सफलता प्राप्त करने के गुर सिखाए। साथ ही साथ तैयारी करने वाले टी आर लॉ कॉलेज के छात्र-छात्राओं के लिए अपनी संस्था में 50 प्रतिशत शुल्क छूट देने की घोषणा भी की।
अन्त में प्रबंधक डा. सुजीत चतुर्वेदी ने मुख्य अतिथि, उपस्थित गणमान्य एवं छात्र-छात्राओं का धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही सभी उपिस्थत विद्यार्थियों को यह प्रेरणा दिया कि आपके संर्वागीण विकास के लिए संस्था कटिबद्ध है और उपलब्ध संसाधनों को नियमानुसार प्रयोग कर सकते हैं। प्रबंधक व प्राचार्य द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह व शॉल भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक समन्वयक डा. दीपमाला श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर कॉलेज के समस्त शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।




