
रिपोर्ट :- उज्जवल कुमार
साहिबगंज। राजमहल-अनुमंडलीय अस्पताल में शुक्रवार को इलाज के दौरान एक मरीज की मौत हो जाने के बाद मृतक का पार्थिव शरीर को घर ले जाने के लिए परिजनों को काफी मशक्कत करनी पड़ी.लेकिन कोई रास्ता नही मिलते देख मृतक के परिजनों ने ई रिक्शा पर मृतक के पार्थिव शरीर को अपने घर ले गये.मामले को लेकर अस्पताल में मौजूद परिजनों ने बताया कि तीनपहाड़ थाना क्षेत्र के शिवा पहाड़ नीचे टोला निवासी दीपक महतो 32 वर्ष को इलाज के लिए राजमहल अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया था।जहां इलाज के दौरान दीपक महतो की मौत हो गई।मौत के बाद मृतक के पार्थिव शरीर को घर ले जाने के लिए मोक्ष वाहन या एंबुलेंस नहीं मिला।जिसके कारण परिजनों को करीब डेढ़ घंटे तक इंतजार करना पड़ा।परिजनों ने अस्पताल में मौजूद कर्मियों से मोक्ष वाहन या एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए कई बार बोला। लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हुआ।वहीं तीनपहाड़ नीचे टोला तक जाने के लिए ऑटो स्टैंड से कोई ऑटो या अन्य वाहन भी नहीं मिल रहा था।जिसके कारण परिजनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।हालांकि करीब डेढ़ घंटे बाद परिजनों ने निजी ई रिक्शा से शव को घर ले गए।वही घटना से परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। मृतक अपने पीछे पत्नी, दो बेटा एवं एक बेटी छोड़ कर गया है।

हालांकि शव को मोक्ष वाहन या एम्बुलेंस नही मिलने के कारण ई रिक्शा से शव ले जाने की घटना अस्पताल व राजमहल के गलियों मे चर्चा का विषय बना रहा है। 5 लाख की आबादी वाले अनुमंडलीय अस्पताल महज दो एंबुलेंस और सिमित डॉक्टर के सहारे चल रहा है. अनुमंडलीय अस्पताल क्षेत्र में उपाधीक्षक सहित कुल सात डॉक्टर है. लेकिन इतनी बड़ी आबादी में एक मोक्ष वाहन तो होना ही चाहिए।




