पुलिस ने 61,00,000/- रूपये की धोखाधड़ी करने वाले एक अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार, कब्जे से धोखाधड़ी से संबंधित 40,000/- रूपये नगद बरामद

रिपोर्ट:-शीतला प्रसाद वाजपेई
साइबर थाना, जनपद बाराबंकी पर दिनांक 24.04.2024 को डॉ० योगेश कुमार पुत्र डॉ० कमल सिंह वर्मा निवासी मोहल्ला सुभाषनगर थाना कोतवाली नगर जनपद बाराबंकी (कृष्णा हास्पिटल एण्ड मैटरनिटी सेन्टर श्रीराम कालोनी बाराबंकी के संचालक) द्वारा लिखित तहरीर दी गयी कि दिनांक 17.04.2024 को उनके मोबाइल नंबर पर रोहित शर्मा नाम से कॉल आई और स्वंय को ट्राई डिपार्टमेन्ट से होना बताया गया और मुंबई थाने में 17 शिकायतों की एफआईआर दर्ज बत्ताया गया तथा मुंबई मे अपनी रिपोर्ट 02 घण्टे के अंदर दर्ज करने के लिये बताया गया अन्यथा मोबाइल नंबर बन्द कराने की धमकी देकर अपने अन्य (साथी) अधिकारी से बात कराते हुए मनीलान्ड्रिंग जैसा गंभीर अपराध के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की बात व और पैसों की माँग करते हुए कहा कि यदि आप ऐसा नही करते है तो आपको 90 दिन की कस्टडी में लेकर पूछताछ की जायेगी व आपका हास्पिटल सीज कर दिया जायेगा इस प्रकार मेरे साथ धोखाधड़ी कर व डरा धमकाकर कुल 61,00,000/- लाख रूपये का फ्राड के आधार पर साइबर थाना बाराबंकी पर संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
पुलिस अधीक्षक बाराबंकी श्री दिनेश कुमार सिंह द्वारा उक्त घटना का तत्काल संज्ञान लेकर रूपयों की बरामदगी व संबंधित अभियुक्त की गिरफ्तारी के आदेश के क्रम में साइबर थाना बाराबंकी द्वारा आज दिनांक- 23.06.2024 को अभियुक्त आशीष शुक्ला पुत्र राघवेन्द्र शुक्ला निवासी लोक कालोनी महिबुल्लापुर सीतापुर रोड जनपद लखनऊ को धोखाधड़ी से संबंधित 40,000/- रूपयों के साथ गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त आशीष (ICICI बैंक के खाताधारक व प्रोपाइटेर कैच माइ ऑर्डर) द्वारा वादी डॉक्टर योगेश के एकाउन्ट (खाता) से 61 लाख रुपये प्रथम लेयर में के 4 खातों में क्रमशः 16 लाख रुपये व 26 लाख रुपये पंजाब नैशनल बैंक के दो खातों में 4 लाख व 15 लाख रुपये आईसीआईसीआई बैंक के दो खातों में स्थानांतरित किया गया, जिसमे से 4 लाख रुपये के खाता धारक आईसीआईसीआई बैंक के (खाता धारक व प्रोप्राइटेर कैच माइ ऑर्डर) आशीष शुक्ला पुत्र राघवेंद्र शुक्ला निवासी 370/40 कृष्ण लोक कॉलोनी महिबुल्लापुर सीतापुर रोड थाना मणियाव जनपद लखनऊ के द्वारा शातिर साइबर अपराधियों को अपना खाता आदान-प्रदान हेतु एटीएम कार्ड खाते में दर्ज मोबाइल नंबर का सिम प्रदान कर साइबर अपराधियों द्वारा इस खाते का उपयोग कर फ्राड किया जाता है। वांछित अभियुक्तगण 1. अमन, 2. संतोष चतुर्वेदी व 3. शिवम यादव उपरोक्त की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीम का गठन कर प्रयास किये जा रहे है।




