चित्रगुप्त मंदिर के पास राधा कृष्ण मंदिर का निर्माण किए जाने के प्रयास पर उपजिलाधिकारी ने लगाई रोक।

रिपोर्ट -शिवा वर्मा (सम्पादक)
बाराबंकी धनोखर चौराहा स्थित चक्रतीर्थ चित्रगुप्त मंदिर के पास राधा कृष्ण मंदिर का निर्माण किए जाने के प्रयास पर उपजिलाधिकारी ने लगाई रोक। पीठाधीश्वर रंजीत बहादुर ने कहा मंदिर न बना तो एक एक माह के अंदर आत्महत्या कर लूंगा।
ज्ञात हो कि गत जनवरी 23 को जनवरी सुभाष जयंती के अवसर पर भगवान चित्रगुप्त मंदिर की स्थापना यहां हुई थी। इसके साथ ही कार्यक्रम में ये भी घोषणा की गई थी की जल्द ही इसी स्थान पर एक राधा कृष्ण मूर्ति की भी स्थापना होगी। 10x 10 क्षेत्र में निर्माण कार्य शुरू हो चुका था।
बताते चले कि चक्रतीर्थ परिसर में निर्माणाधीन राधा कृष्ण मंदिर के निर्माण कार्य को रोकते हुए विनियमित क्षेत्र द्वारा नाले पर अवैध निर्माण कराए जाने की बात कहते हुए नोटिस जारी कर दिया गया है, जिसपर पीठाधीश्वर रंजीत बहादुर श्रीवास्तव ने सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे परिसर अथवा आस पास में नगर पालिका अथवा विनियमित क्षेत्र की कितनी भूमि है इसका जवाब दें। मंदिर निर्माण में मात्र ढाई फीट की जमीन नाले पर आने से प्रशासन द्वारा पूरी ही अवैध बताई गई है क्या यह सही है। वर्तमान में कमेटी ने उसे हटा भी लिया है।
नगर पालिका अध्यक्ष एवं अधिशासी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि नाला सफाई गैंग सक्रिय है पूरे शहर में लगभग 70 प्रतिशत नालों पर कब्जा है मात्र 30 प्रतिशत नाले ही खुले हैं जिनकी सफाई कराई जाती है | परंतु पैसा पूरे नालों की सफाई का निकाला जाता है।
राज्य मंत्री सतीश शर्मा के अतिरिक्त भाजपा के बाराबंकी पदाधिकारियों अथवा विधायकों में एक भी राम या कृष्ण भक्त नहीं रह गया है| इस बात को कहते हुए भावुक हो गए ।
पीठाधीश्वर ने कहा कि मैने एक माह का समय दिया है यदि मंदिर निर्माण पुनः शुरू ना कराया गया तो आत्मदाह कर लूंगा। मैं सच्चा सनातनी हूं मंदिर निर्माण हेतु मुझे जो कुछ झेलना पड़ेगा मैं उसके लिए तैयार हूं ।




