
रिपोर्ट -शिवा वर्मा (सम्पादक)
बाराबंकी। थाना असन्द्रा पर वादिनी सन्तोष कुमारी पत्नी अजय कुमार शुक्ला निवासिनी मल्लूपुर मजरे सूपामऊ सूचना दी गयी कि दिनांक 17.12.2023 को मेरे पति अजय कुमार शुक्ला मोटर साइकिल से मस्तान बाबा की कुटी पर जाने के लिये निकले जो वापस घर नहीं आये। जिस सम्बन्ध में थाना असन्द्रा पर गुमशुदगी दर्ज की गई।
दिनांक 19.12.2023 को थाना रामसनेहीघाट क्षेत्रान्तर्गत प्रताप पुरवा के पास जंगल में अजय कुमार शुक्ला का शव मिलने व हत्या के सम्बन्ध में मृतक की पत्नी/वादिनी संतोष कुमारी द्वारा थाना असन्द्रा पर 1,रामकुमार पुत्र रामसागार रावत निवासी मल्लूपुर मजरे सूपामऊ थाना असन्द्रा जनपद बाराबंकी।
2. बाबा सोनी पुत्र शिवनारायण निवासी असन्द्रा थाना असन्द्रा जनपद बाराबंकी।
3. प्रदीप पुत्र अज्ञात निवासी ग्राम नवीपुर थाना हैदरगढ़ जनपद बाराबंकी।
4. माताबदल पुत्र राममिलन निवासी गनी का पुरवा मजरे गजपति पुर थाना असन्द्रा जनपद बाराबंकी।
5. महेश पुत्र अज्ञात निवासी भूरेपुर थाना रामसनेहीघाट जनपद बाराबंकी के विरुद्ध शक के आधार पर मुकदमा संख्या 541/23 धारा 302/34 भादवि पंजीकृत कराया गया।
पुलिस अधीक्षक बाराबंकी दिनेश कुमार सिंह द्वारा घटना से सम्बन्धित समस्त पहलुओं की जांच कर संलिप्त अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने हेतु पुलिस टीम का गठन किया गया तथा आवश्यक निर्देश दिए गये। इसी क्रम में स्वाट/सर्विलांस व थाना असन्द्रा की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा पूछताछ, साक्ष्य संकलन व डिजिटल डेटा की मदद से घटना का सफल अनावरण करते हुए हत्याभियुक्त मृतक की पत्नी
1. सन्तोष कुमारी निवासिनी मल्लूपुर मजरे सूपामऊ थाना असन्द्रा जनपद बाराबंकी।
2. नीरज कुमार विश्वकर्मा पुत्र हरिशचन्द्र निवासी महमूदपुर थाना असन्द्रा जनपद बाराबंकी का नाम प्रकाश में लाया गया।
आज दिनांक 22.12.2023 को हत्याभियुक्त मृतक की पत्नी
1. सन्तोष कुमारी व 2. नीरज विश्वकर्मा को गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त नीरज विश्वकर्मा की निशादेही पर आला कत्ल 01 चाकू, 01 हेलमेट बरामद किया गया। विवेचना व साक्ष्य संकलन के आधार पर पांचो व्यक्तियों की नामजदगी गलत पायी गयी व अभियोग में धारा 34 भादवि की लोप किया गया तथा आलाकत्ल चाकू की बरामदगी के आधार पर धारा 4/25 आर्म्स एक्ट व धारा 120बी/201 भादवि की बढोत्तरी की गई।
पूछताछ व साक्ष्य संकलन से प्रकाश में आया कि अभियुक्त नीरज विश्वकर्मा की देवीगंज चौराहे पर घड़ी/चश्मे की दुकान है जहां पर लगभग 06 वर्ष पूर्व वादिनी/मृतक की पत्नी/अभियुक्ता संतोष कुमारी खरीदारी के लिए आई थी तब से दोनों एक दूसरे के सम्पर्क में आए व फोन के माध्यम से एक-दूसरे से बातचीत करने लगे।
अभियुक्त नीरज ने संतोष कुमारी से मिलने व घर आने जाने हेतु मृतक अजय शुक्ला से दोस्ती कर ली।
मृतक अजय शुक्ला नशे का आदी था तथा उसपर लगभग 15 लाख रुपये का कर्ज था। वह अपनी जमीन बेचकर प्राप्त किए गए रुपयों को नशे आदि में खर्च कर देता था। अभियुक्त नीरज भी विवाहित है तथा उसके भी बच्चे हैं। अभियुक्त नीरज द्वारा मृतक की आर्थिक व जमीनी विवादों में मदद की जाती थी। अभियुक्त नीरज, मृतक की पत्नी से मिलने के लिए उसके घर आता था तथा उसके घर पर भी रुकता था। अभियुक्त नीरज व संतोष कुमारी के अवैध सम्बन्धों के सम्बन्ध
में मृतक अजय शुक्ला व उसके बच्चों को पता चल गया था जिससे आए दिन दोनों में विवाद होता रहता था।
मृतक अजय शुक्ला अपनी पत्नी संतोष कुमारी के प्रेम-प्रसंग में बाधा उत्पन्न कर रहा था व अपनी जमीन को बेच रहा था।
इसलिए मृतक अजय शुक्ला को रास्ते से हटाने के लिए अभियुक्ता द्वारा अपने प्रेमी नीरज विश्वकर्मा के साथ योजना बनाई गई। योजना के अनुसार अभियुक्त नीरज द्वारा अभियुक्ता संतोष कुमारी को बताया गया कि इस समय मृतक अजय शुक्ला मुझसे नाराज चल रहा है और उसे गड़े धन का लालच देकर ही साथ में ले जाया जा सकता है क्योंकि पूर्व में भी वह मेरे साथ गड़े धन को खोदने के लालच मे जा चुका है। दिनांक 09.12.2023 को भी दोनों अभियुक्तों द्वारा मिलकर अजय शुक्ला को मारने की योजना बनाई गई थी किन्तु अजय शुक्ला के सुनिश्चित स्थान पर न आने के कारण योजना असफल हो गई।
पुनः पूर्व सुनियोजित योजना के अनुसार दिनांक 17.12.2023 को गड़ा धन खोदने की बात कहकर अभियुक्त नीरज विश्वकर्मा ने फोन से मृतक अजय को देवीगंज चौराहे पर बुलाया व मृतक की पत्नी के द्वारा अजय शुक्ला का फोन घर पर ही रखवा लिया गया जिससे उसकी लोकेशन का पता न चल सके।
अभियुक्त नीरज विश्वकर्मा व मृतक अजय शुक्ला देवीगंज चौराहा से अपनी-अपनी मोटर साइकिल से निकले तथा अभियुक्त नीरज विश्वकर्मा ने अपनी मोटर साइकिल रास्ते में पड़ने वाले पेट्रोल पम्प के पास खड़ी कर दी, फिर अभियुक्त नीरज द्वारा मृतक अजय शुक्ला की मोटर साइकिल पर बैठकर मृतक को थाना रामसनेहीघाट क्षेत्रान्तर्गत प्रतापुरवा के पास जंगल में ले जाया गया जहां पर अभियुक्त नीरज विश्वकर्मा ने अजय शुक्ला के सिर पर हेलमेट से हमला कर दिया और जमीन पर गिर जाने पर चाकू से मारकर हत्या कर दी।
अभियोग उपरोक्त की गहनता से विवेचना के क्रम में बाइस्तवा नामित अभियुक्तों की घटना मे किसी प्रकार की संलिप्तता नहीं पाई गयी। अभियुक्तों द्वारा उक्त अपराध से बचने के लिए पूर्व में जमीनी व पैसों के लेन-देन को हुए विवाद के कारण बाइस्तवाह उपरोक्त पांचों लोगों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया।




