कोरोना महामारी से बचाव के प्रमुख संसाधन सेनेटाइजर व मास्क के लिए भटक रहे लोग; प्रशासनिक दावे नाकाफी

फतेहपुर, बाराबंकी। कोविड-19 कोरोना महामारी के भारत में कदम रखते ही सरकार की तरफ से जिस तरह से लोगों के जीवन को बचाने के लिए एडवाइजरी व ऐतिहाती कदम उठाए जा रहे हैं उन सब को पलीता लगा रहे हैं मास्क व सिनेटाइजर के होलसेल सप्लायर जी हां यह हालत इस समय कस्बा फतेहपुर सहित लगभग पूरे तहसील क्षेत्र में है किसी भी मेडिकल स्टोर पर ना तो मास्क उपलब्ध हैं ना ही ही सेनीटाइजर उपलब्ध हैं। कई मेडिकल स्टोर पर जानकारी करने पर उन्होंने नाम न उजागर करने की बात कहते हुए बताया कि जब से कोरोना महामारी का फैलाव देश देश में हुआ है तभी से सैनिटाइजर व मास्क की उपलब्धता बिल्कुल शून्य हो गई।
हम मेडिकल स्टोर वालों को सैनिटाइजर व मास्क की सप्लाई बिल्कुल भी नहीं मिल रही हैं जिससे ग्राहक को हम उपलब्ध कराने में असमर्थ हैं। ग्राहक हम लोगों की शॉप पर आते हैं मास्क व सैनिटाइजर की मांग तो करते हैं लेकिन मजबूरन हमें उन्हें मना करना पड़ता है क्योंकि हमें जहां से सप्लाई मिलती है वहीं से मास्क व सिनेटाइजर नहीं मिल रहा है। ऐसी स्थिति में लोगों के मास्क व सैनिटाइजर के लिए इधर उधर भटकने के बावजूद भी मास्क व सैनिटाइजर सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है अब सवाल यह है कि जब प्रदेश सरकार जिला प्रशासन यहां तक कि स्थानीय प्रशासन भी लोगों को मास्क लगाने व सैनिटाइजर से हाथ क्लीन करने की सलाह देता नजर आ रहा है ऐसे में लोगों को सिनेटाइजर व मास्क नहीं मिलने से लगों में अपने व परिवार को इस महामारी से बचाव के लिए चिंताएं काफी बढ़ गई हैं ऐसे में जिला प्रशासन व स्थानीय प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मास्क व सैनिटाइजर की आपूर्ति सुनिश्चित कराने की व्यवस्था अति आवश्यक है , जिससे लोगों को कोरोनावायरस से बचाव के लिए मास्क व सैनिटाइजर के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। सैनिटाइजर व मास्क मास्क की उपलब्धता के बारे में ड्रग इंस्पेक्टर सुमित कुमार वर्मा से बात करने पर उन्होंने बताया कि मास्क बनवाए जा रहे हैं दो-तीन दिनों में सैनिटाइजर व मास्क की आपूर्ति सुनिश्चित हो जाएगी।




