राजमहल में मजदूर दिवस पर जागरूकता रैली का आयोजन, श्रमिकों के अधिकारों को लेकर उठी आवाज।

राजमहल में मजदूर दिवस पर जागरूकता रैली का आयोजन, श्रमिकों के अधिकारों को लेकर उठी आवाज।
रिपोर्टर :- उज्जवल कुमार साहा,
साहिबगंज।(राजमहल झारखंड) मजदूर संघ (प्रजातांत्रिक) की ओर से 1 मई 2026, शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर राजमहल में एक भव्य जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
रैली का आयोजन राजमहल नया बाजार स्थित सार्वजनिक दुर्गा मंदिर के समीप सुबह 11:00 बजे किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में मजदूर, स्थानीय लोग एवं संगठन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में संगठन के केंद्रीय महासचिव राजकुमार यादव समेत कई वक्ताओं ने श्रमिकों की समस्याओं और उनके अधिकारों पर विस्तार से चर्चा की।
वक्ताओं ने कहा कि आज भी कई मजदूरों को उनके हक और अधिकार नहीं मिल पा रहे हैं, जिसे लेकर संगठित होकर आवाज उठाना जरूरी है। महिला श्रमिकों के लिए समान कार्य के बदले समान वेतन सुनिश्चित करने, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देने तथा बिचौलियों और शोषण से मुक्ति दिलाने पर जोर दिया गया।
इस अवसर पर श्रमिकों की विभिन्न मांगों को भी प्रमुखता से रखा गया, जिनमें 8 घंटे कार्य दिवस लागू करने, न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने, ओवरटाइम का भुगतान, कार्यस्थल पर चिकित्सा, पेयजल एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग शामिल रही।
संगठन ने भूमिहीन मजदूरों को जमीन उपलब्ध कराने, प्रधानमंत्री आवास योजना या अबुआ आवास योजना के तहत घर देने, मानव तस्करी पर रोक लगाने तथा बिजली बिल बकाया के नाम पर गरीब मजदूरों का कनेक्शन काटने की कार्रवाई बंद करने की मांग भी उठाई।
इसके अलावा रेलवे से जुड़े मजदूरों के लिए प्रति वैगन 4500 रुपये भुगतान, बोनस, ग्रेच्युटी एवं पीएफ लाभ देने की मांग की गई। साथ ही जिले में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने सरकार से मांग की कि श्रम कानून 2025 के तहत सभी मजदूरों को उनका अधिकार दिलाया जाए और बंद पड़े उद्योग-धंधों को पुनः चालू किया जाए, ताकि रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
इस रैली के माध्यम से मजदूर संघ ने स्पष्ट संदेश दिया कि श्रमिकों के हक और सम्मान के लिए संघर्ष जारी रहेगा और उनकी आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।




