अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर “श्रमिक अधिकार, हमारा सम्मान” के संकल्प के साथ साहेबगंज में जिला विधिक सेवा प्राधिकार का विशेष जागरूकता अभियान।

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर “श्रमिक अधिकार, हमारा सम्मान” के संकल्प के साथ साहेबगंज में जिला विधिक सेवा प्राधिकार का विशेष जागरूकता अभियान।
रिपोर्टर – उज्जवल कुमार साहा,
साहिबगंज। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहेबगंज श्री अखिल कुमार के मार्गदर्शन में आज, 1 मई 2026 को अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर पूरे जिले में पीएलवी — न्याय मित्रों द्वारा सघन एवं प्रभावशाली जन-जागरूकता अभियान चलाया गया।
कार्यक्रम के तहत जिले के विभिन्न पंचायतों, सार्वजनिक स्थलों, निर्माण स्थलों एवं बाजार क्षेत्रों में जागरूकता की गई, जहाँ “सशक्त श्रमिक—सशक्त समाज” जैसे संदेशों के साथ लोगों को प्रेरित किया गया। बैनर, पोस्टर और जनसंवाद के माध्यम से श्रमिकों को उनके अधिकारों एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सह प्रभारी सचिव श्री सिंधु नाथ लामाये ने श्रमिकों के अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि श्रमिक समाज की रीढ़ हैं और उनका सम्मान, सुरक्षा एवं न्याय सुनिश्चित करना राज्य का दायित्व है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक श्रमिक को उचित वेतन, सुरक्षित कार्यस्थल एवं सामाजिक सुरक्षा का अधिकार प्राप्त है।
उन्होंने श्रम कानूनों की जानकारी देते हुए बताया कि न्यूनतम मजदूरी, कार्य के घंटे, महिला श्रमिकों के अधिकार, बाल श्रम निषेध एवं कार्यस्थल पर सुरक्षा से जुड़े सख्त प्रावधान बनाए गए हैं, जिनका उल्लंघन दंडनीय है। साथ ही, उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी प्रकार के शोषण की स्थिति में विधिक सहायता लें।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी श्रम कल्याण योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं एवं निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़े प्रावधानों की जानकारी भी विस्तार से दी गई। आम श्रमिकों को पंपलेट वितरित कर उनके अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया गया।
इसके अतिरिक्त, नालसा की हेल्पलाइन संख्या 15100 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया, ताकि किसी भी श्रमिक को यदि उसके अधिकारों का हनन हो या उसे सहायता की आवश्यकता हो, तो वह तुरंत संपर्क कर सके।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े श्रमिकों तक उनके अधिकारों की जानकारी पहुँचाना तथा उन्हें न्याय के प्रति सजग बनाना है। कार्यक्रम में स्थानीय श्रमिकों, युवाओं एवं महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और “सुरक्षित एवं सम्मानित श्रमिक—समृद्ध साहेबगंज” के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।



