महिलाओं को सशक्त बनाकर समाज को सशक्त बनाना ही “GIVE TO GAIN” का उद्देश्य : उप विकास आयुक्त।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर सिद्धू कान्हु सभागार में भव्य कार्यक्रम, उत्कृष्ट कार्य करने वाली दीदियों व कैडरों को किया गया सम्मानित

रिपोर्टर :- उज्जवल कुमार साहा
साहिबगंज। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ज़िला प्रशासन साहिबगंज एवं पलाश (JSLPS) के संयुक्त तत्वावधान में “GIVE TO GAIN” थीम पर सिद्धू कान्हु सभागार, साहिबगंज में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह (Self Help Group) से जुड़ी दीदियाँ, विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मी तथा गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता तथा समाज में उनकी बढ़ती भूमिका को सम्मान देना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं को सशक्त बनाना केवल एक सामाजिक दायित्व ही नहीं बल्कि एक सशक्त और समृद्ध समाज के निर्माण की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को उचित अवसर, संसाधन और सहयोग मिलता है तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने “GIVE TO GAIN” थीम की व्याख्या करते हुए कहा कि यदि हम समाज में महिलाओं को अवसर और सहयोग देंगे तो निश्चित रूप से समाज को उससे कई गुना अधिक सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे।
उप विकास आयुक्त ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि आज ग्रामीण क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूह की दीदियाँ आर्थिक गतिविधियों, स्वरोजगार, कृषि आधारित उद्यम, हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण तथा विभिन्न सामाजिक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन समूहों के माध्यम से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड राज्य में पलाश (JSLPS) के माध्यम से महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। इसके तहत महिलाओं को विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आय के स्थायी स्रोत उपलब्ध कराए जा रहे हैं। साथ ही उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता तथा बाजार से जोड़ने की दिशा में भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन, कौशल विकास तथा सामुदायिक नेतृत्व को बढ़ावा देने से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित पदाधिकारियों ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इन समूहों के माध्यम से महिलाएं बचत की आदत विकसित कर रही हैं और छोटे-छोटे उद्यमों के माध्यम से आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
ज़िला प्रशासन द्वारा यह भी बताया गया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कृषि, पशुपालन, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, डेयरी तथा अन्य आजीविका गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए लगातार प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों को और मजबूत करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ सामाजिक रूप से भी मजबूत बनाया जा सकता है। इसके लिए ज़िला प्रशासन निरंतर प्रयासरत है और आने वाले समय में और भी कई पहल की जाएंगी।
इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कैडर एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उप विकास आयुक्त सतीश चंद्रा द्वारा सम्मानित किए गए इन कैडरों और कर्मियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इनके कार्यों से न केवल स्वयं सहायता समूह की गतिविधियों को मजबूती मिली है बल्कि अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा प्राप्त हुई है।
कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूह की कई दीदियों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस प्रकार समूह से जुड़ने के बाद उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहले वे आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर थीं, लेकिन अब वे स्वयं आय अर्जित कर अपने परिवार के खर्चों में सहयोग कर रही हैं। इससे उनके आत्मविश्वास में भी वृद्धि हुई है और समाज में उनकी पहचान भी बनी है।
कार्यक्रम में महिलाओं की उपलब्धियों को विशेष रूप से साझा किया गया तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि यदि महिलाएं संगठित होकर कार्य करें तो वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं और अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकती हैं।
इस अवसर पर ज़िला कृषि पदाधिकारी, ज़िला उद्यान पदाधिकारी, ज़िला कार्यपालक अभियंता (PHED), ज़िला बाल संरक्षण पदाधिकारी तथा ज़िला कार्यक्रम प्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित रहे। सभी ने महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन उत्साह और सकारात्मक संदेश के साथ हुआ। अंत में स्वयं सहायता समूह की दीदियों की उपलब्धियों को सराहा गया और उन्हें भविष्य में भी इसी तरह आगे बढ़कर समाज के विकास में अपनी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि जब महिलाओं को अवसर और सहयोग मिलता है तो वे न केवल अपने जीवन को बल्कि पूरे समाज को नई दिशा देने की क्षमता रखती हैं।




