कोविड-19 से माता-पिता को खो देने वाले बच्चों की सहायता के लिए सरकार की अति महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना की गठित टास्क फोर्स की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में डीआरडीए में सम्पन्न हुई
बाराबंकी। कोविड-19 से माता-पिता को खो देने वाले बच्चों की सहायता के लिए सरकार की अति महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना की गठित टास्क फोर्स की बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में डीआरडीए में सम्पन्न हुई जिसमें बच्चों को योजना से जोड़ने के लिए प्राप्त आवेदनों पर की गई कार्यवाही की समीक्षा हुई। जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल कुमार मौर्य ने 24 बच्चों के प्राप्त आवेदनों की सूची जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कर बताया कि 10 बच्चों के आवेदन पूर्ण हो गये हें 14 बच्चों के आवेदन उपजिलाधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी द्वारा संस्तुति लम्बित होने व आवेदन में लगने वाले आय प्रमाण पत्र जारी नही हो पाने के कारण अभी पूर्ण किये जाने की प्रक्रिया में हैं। जिलाधिकारी डा आदर्श सिंह ने सभी आवेदनों को दो दिन में पूर्ण करने के लिए निर्देश देते हुए कहा कि जिन बच्चों के परिजनों की मृत्यु के कारण में कोविड-19 की रिपोर्ट नही हैं, उन बच्चों के परिजनों की मृत्यु के कारण स्पष्ट करा लिया जाय, यदि पोस्ट कोविड के कारण परिजनों की मृत्यु हुई है तो उन्हें भी इस योजना से जोड़ने की कार्यवाही कर ली जाय। चाइल्ड लाइन के निदेशक रत्नेश कुमार ने जिलाधिकारी को अवगत राया कि चाइल्ड लाइन 1098 में अब तक 29 बच्चों के प्रकरण पंजीकृत हुए हैं जिसमें परिजनों की कोविड-19 से मृत्यु होना बताया गया है, इन 29 बच्चों में से मात्र 06 बच्चों के परिजनों की मृत्यु कोविड-19 से होने की रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जिन बच्चों के परिजनों की कोविड-19 की रिपोर्ट मिली है उनका आवेदन योजना का लाभ दिलाने के लिए पूर्ण कराया जा चुका है। इस बैठक में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी श्रीवास्तव, जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश चैरसिया, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, वन स्टाप सेन्टर की मैनेजर, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित बाल संरक्षण अधिकारी हरीश मोहन पाण्डेय उपस्थित रहे।




