
रिपोर्टर :- उज्जवल कुमार साहा
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) असम विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतर चुकी है। पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सह झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में स्टार प्रचारक, मंत्री, सांसद और विधायक विभिन्न क्षेत्रों में लगातार जनसभाएं कर रहे हैं।
इसी क्रम में असम के मजबत विधानसभा क्षेत्र में एक विशाल चुनावी सभा का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उनके साथ स्टार प्रचारक अभिषेक प्रसाद, राजमहल विधायक मो. ताजउद्दीन उर्फ एमटी राजा, राजमहल सांसद विजय कुमार हांसदा तथा विधायक भूषण तिर्की भी मौजूद रहे।
सभा को संबोधित करते हुए राजमहल विधायक सह स्टार प्रचारक एमटी राजा ने कहा कि झामुमो का भाईचारे और एकजुटता का संदेश असम की जनता को तेजी से प्रभावित कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य और देश में नफरत की राजनीति करने वाली ताकतें झामुमो के बढ़ते जनसमर्थन से घबराई हुई हैं।
एमटी राजा ने कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कई बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि असम के कई गांव आज भी विकास से वंचित हैं और जनता अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष कर रही है।
उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान सरकार और उनकी पार्टी समाज में विभाजन और नफरत की राजनीति कर रही है, जबकि झामुमो प्यार, सौहार्द और भाईचारे की राजनीति में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का स्पष्ट संदेश है कि झारखंड की तरह ही असम में भी एकजुटता और आपसी सद्भाव से ही वास्तविक विकास संभव है।
एमटी राजा ने दावा किया कि झामुमो के इस सकारात्मक संदेश को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और आने वाले समय में इसका असर चुनावी परिणामों में भी देखने को मिलेगा।
सभा के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे और झामुमो नेताओं के संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना। पार्टी कार्यकर्ताओं में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
झामुमो के नेताओं ने भरोसा जताया कि पार्टी का यह अभियान असम में नई राजनीतिक दिशा तय करेगा और जनता के मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए विकास की नई राह खोलेगा।




