आईसीजेएस का चरण-II
रिपोर्ट:-शमीम
देश में स्थापित आपराधिक न्याय आपूर्ति के लिए सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) प्रणालियों में मुख्य रूप से क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स यानी सीसीटीएनएस (पुलिस के लिए), ई-फॉरेंसिक्स (फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशालाओं के लिए), ई-प्रोसिक्यूशन (जन अभियोजकों के लिए), ई-कोर्ट्स (अदालतों के लिए) और ई-प्रिजन्स (जेलों के लिए) शामिल हैं। ये सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियां सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कार्यरत स्टैंड-अलोन प्रणालियां हैं। आईसीजेएस परियोजना का चरण-II निर्बाध डेटा विनिमय के लिए इन स्टैंड-अलोन आईटी प्रणालियों को आपस में जोड़ेगा और स्मार्ट पुलिसिंग के लिए नई तकनीकें भी प्रदान करेगा। आईसीजेएस चरण-II के उद्देश्य इस प्रकार हैं:-
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- पुलिस, जेल, फोरेंसिक, अभियोजन और न्यायालयों के विभिन्न डेटा सेटों के बीच सहज एकीकरण की सुविधा प्रदान करना।
- डेटा प्रविष्टि में त्रुटियों को कम करके डेटा गुणवत्ता बढ़ाना।
- समयबद्ध तरीके से जांच की गुणवत्ता बढ़ाना और परिणामस्वरूप सुनवाई में तेजी लाना। यह कार्य विभिन्न घटकों के बीच आसान पहुंच के माध्यम से होगा।
- जांच में उपलब्ध डेटा एनालिटिक्स और आधुनिक उपकरणों का प्रभावी उपयोग सक्षम करना।
- निर्णय लेने में कागजी रिकॉर्ड पर निर्भरता कम करना।
- “स्मार्ट पुलिसिंग” की ओर बदलाव को सक्षम बनाना।
आईसीजेएस चरण-II के घटक इस प्रकार हैं:-
- हार्डवेयर (एप्लिकेशन सर्वर और क्लाइंट-एंड सिस्टम)
- आईसीजेएस के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट
- आईसीजेएस विकास और प्रबंधन
- नेटवर्क कनेक्टिविटी
- आईटी अवसंरचना (समर्पित और सुरक्षित क्लाउड-आधारित)
- संचालन एवं रखरखाव
- जागरूकता एवं क्षमता निर्माण
गृह राज्य मंत्री श्री अजय कुमार मिश्रा ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह कहा।




