रसूल ए पाक ने दुनिया को दिया अमन का पैगाम,शोहरतगढ़ कस्बे में धूमधाम से मनाया गया ईद मिलादुन नबी का त्योहार।

सिद्धार्थनगर – विजय पाल चतुर्वेदी।
शोहरतगढ़ कस्बे में ईद मिलादुन्नबी का त्यौहार धूमधाम से मनाया गया। रसूल ए पाक ने दुनिया को अमन का पैगाम दिया और बेटियों को नई जिंदगी बख्शी है । ए बयान जुलूस ए नबवी सल्लल्लाहे -अलैह- वसल्लम में तकरीर करते हुए जामा मस्जिद जनपद सिद्धार्थ नगर के खतीब व इमाम सैय्यद सुहेल अहमद ने कही है । इमाम ने कहा है कि जमान ए कदीम में बेटियों को पैदा होते ही जिंदा दफ्न कर दिया जाता था । रसूल ए पाक जब दुनिया में तशरीफ़ लाएं तो समाज में फैली इस बदतरीन रिवाज को खत्म कर बेटियों की हिफाजत की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले लिया ।
और अपने साथियों के साथ एलान ए आम कर दिया कि बेटियों को जिंदा दफ्न न किया जाए । बेटियाँ अल्लाह पाक की रहमत है । बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अल्लाह पाक ने ले रखी है । और इंसानो पर बेटियों की परवरिश फर्ज कर दिया गया है । तभी से आज तक बेटियों की परवरिश हिफाजत का रिवाज कायम हो गया जो कयामत तक जारी रहेगा ।
अल्लाह के रसूल ने हमेशा बुराइयों से सभी को रोका नेक काम करने का हुक्म दिया । यही वजह है कि आज भी दुनिया में तमाम बड़े बड़े मुल्कों को आपसी मामले को सुलझाने के लिए मुहब्बत खुलूस का ही सहारा लिया जाता है । जिसके बुनियाद पर पूरी दुनिया में अमन चैन कायम है ।
जामा मस्जिद शोहरतगढ के इमाम कारी रजीउल्लाह ने कहा कि हम सभी को रसूल ए पाक के बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए । जिससे समाज में भेद-भाव का खात्मा हो और हिंदू मुसलमान सिख ईसाई सब मिल जुल कर अपने वतन हिदुस्तान की तरक्की में कदम से कदम मिला कर चलें।जामा मस्जिद प्रबंधक नवाब खान ने कहा कि इस्लाम में वतन परस्ती आधा ईमान है।
कोई शख्स उस वक्त तक मुसलमान नहीं हो सकता है जब तक उसके दिल में वतन की मोहब्बत न हो। जुलूस में मोहम्मद शकील खां, अलताफ हुसैन,नवाब खान,वकार मोईज खान,अरमान अंसारी,सैफ फारूकी,सैफ आलम,मो शहजाद, जिशान रगरेज फरहान,इजहार हुसैन निशार चौधरी मोहम्मद आमिर, सभासद अफसर अंसारी सभासद मोहम्मद अशरफ अंसारी सभासद नियाज अहमद सभासद संजीव जायसवाल,सैय्यद मोहम्मद जुबैर, मुशताक नेता,लतीफ कुरैशी मौलाना आजाद शाहरुख शाह वकील खान सहित हजारों लोग शामिल रहे।



