कस्बा फतेहपुर में एक तीन मंजिला इमारत गिरने से उसमें 15 लोग दबे 3 की मौत।

रिपोर्ट :- शिवा वर्मा (संपादक)
फतेहपुर, बाराबंकी। जिले के कस्बा फतेहपुर में एक तीन मंजिला इमारत गिरने से उसमें 15 लोग दब गए। इनमें से दो की मौत हो गई। बाकी के लोग गंभीर घायल हैं। पुलिस अफसरों की जांच में चार्जिंग में लगी बैट्री से धमाका होना हादसे की वजह बताया जा रहा है। एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी।
बता दें, कि कस्बा फतेहपुर में तीन मंजिला मकान गिरने से दो की मौत हो गई और 13 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बताया जा रहा कि रिहायशी इलाके की बिल्डिंग में नीचे के फ्लोर पर इलेक्ट्रिशियन और बैट्री का बड़ा व्यवसाय होता था। यहां पर रात में चार्जिंग में लगी बैट्री में धमाका होना हादसे की वजह बताई जा रही है। हालांकि मलबे में दबे 3 लोगों को तलाशने का अभियान जारी है। एसपी दिनेश कुमार सिंह का कहना है, कि हाशिम इलेक्ट्रिशियन के साथ बैट्री सप्लाई के बड़े व्यवसाई थे। इनका करोड़ों का कारोबार था। रेस्क्यू अभियान के बीच हादसे में अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
फतेहपुर के काजीपुर वार्ड–2 में सोमवार की सुबह अचानक हुए दर्दनाक बिल्डिंग हादसे में 15 लोग दब गए। चीख-पुकार के बीच स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस प्रशासन ने आनन-फानन में 12 लोगों को मलबे से निकाला। इसमें 22 वर्ष की रोशनी बानो और 25 वर्षीय हकीमुद्दीन की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं 8 घायलों में शामिल महक, सकीला, जफरूल हसन, जैनब फातिमा, कुलसुम, सलमान, सुलतान, समीर को इलाज के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर भेजा गया है। मलबे में दबे दानिश, गुड्डू, अलीम को निकालने का प्रयास जारी है।
बिल्डिंग के मलबे में दबीं 3 जिंदगी, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
हादसे के बाद सुबह करीब 5 बजे एनडीआरएफ और एसडीआरएफ पहुंची। रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 8 घण्टे से जारी है। बताया जा रहा है, कि बिल्डिंग के मलबे में 3 लोग अभी भी फंसे हुए हैं। हादसे से कस्बे में बनाई गईं मानक विहीन बिल्डिंगों को लेकर नगर पंचायत प्रशासन पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एसपी
एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बताया, कि फतेहपुर कस्बे हाशिम नाम के शख्स जो इलेक्ट्रिशियन के थोक डीलर हैं। इनका करोड़ों रूपए का कारोबार संचालित है। इसके साथ ही ये बड़े पैमाने पर बैट्री की सप्लाई का काम करते थे। इनका मकान कस्बे में 3 प्लस बिल्डिंग जो ऊपर के फ्लोर पर (टीन शेड का कमरा नुमा बनाया था और नीचे ग्राउंड फ्लोर में इलेक्ट्रीशियन से संबंधित कार्य सारा कार्य होता था। जांच में ये बात समाने आई है कि रविवार की रात बैट्रियां चार्जिंग में लगाई गई थी। बैट्री के धमाके से बिल्डिंग धराशाई हुई। बहरहाल घटना स्थल पर पुलिस व एनडीआरएफ एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है अन्य पहलुओं पर भी जांच हो रही है।




