
रिपोर्टर :- उज्जवल कुमार साहा
साहिबगंज। जिले में झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा (सीधी भर्ती) प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा–2025 का आयोजन रविवार को कड़ी सुरक्षा, पारदर्शी व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिले के कुल 13 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने भाग लिया और पूरे दिन प्रशासन की सक्रिय निगरानी बनी रही।
परीक्षा के सुचारु एवं निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी दीपक कुमार दुबे ने जिला मुख्यालय स्थित विभिन्न परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने परीक्षा कक्षों में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा केंद्राधीक्षकों और तैनात अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विशेष रूप से प्रश्नपत्रों के सुरक्षित वितरण, परीक्षार्थियों की उपस्थिति, कक्ष निरीक्षण की प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था एवं परीक्षार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की बारीकी से जांच की।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और अनुशासन के साथ संपन्न होनी चाहिए। किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और उन्हें शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा देने का अवसर मिले।
इस परीक्षा में जिले के कुल 3653 परीक्षार्थी शामिल हुए। परीक्षा का आयोजन दो पालियों में किया गया—पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक। दोनों ही पालियों में परीक्षार्थियों की उपस्थिति संतोषजनक रही और सभी केंद्रों पर परीक्षा समय पर प्रारंभ एवं समाप्त हुई।
परीक्षा को कदाचारमुक्त एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा व्यापक तैयारियां की गई थीं। सुरक्षा और निगरानी के लिए 16 स्टैटिक दंडाधिकारी एवं 6 उड़नदस्ता दंडाधिकारी की तैनाती की गई थी। इसके अलावा, अनुमंडल पदाधिकारी अमर जॉन आइंद को प्रभारी पदाधिकारी, झुन्नू कुमार मिश्रा को नोडल पदाधिकारी तथा गौतम कुमार भगत को वरीय प्रभारी पदाधिकारी के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 के तहत भीड़भाड़ को नियंत्रित किया गया तथा अनावश्यक रूप से लोगों के जमा होने पर रोक लगाई गई। साथ ही, पुलिस बल की तैनाती कर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया। केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की जांच की गई ताकि किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या प्रतिबंधित सामग्री को अंदर ले जाने से रोका जा सके।
जिला प्रशासन की सख्ती, सतर्क निगरानी और बेहतर समन्वय के कारण परीक्षा पूरी तरह शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न हुई। अभ्यर्थियों ने भी प्रशासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं पर संतोष जताया और शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा देने के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

