रवीन्द्र नाथ दूबे के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया।
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर श्री रवीन्द्र नाथ दूबे जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्षता में दिनांक-13.08.2022 को राष्ट्रीय लोक अदालत जनपद बाराबंकी में किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारम्भ माननीय जनपद न्यायाधीश श्री रवीन्द्र नाथ दूबे के द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर बार एसोशिएशन के अध्यक्ष श्री नरेन्द्र वर्मा महामंत्री श्री रितेश मिश्रा, ए0डी0जे0 प्रथम श्री आनन्द कुमार, श्री अनिल कुमार शुक्ल ए0डी0जे0 द्वितीय/नोडल अधिकारी राष्ट्रीय लोक अदालत, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आदर्श श्रीवास्तव समेत सभी न्यायिक अधिकारीगण, बैंकों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त अन्य तमाम लोग मौजूद रहे।
नोडल अधिकारी श्री अनिल कुमार शुक्ल अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा बताया कि राजस्व, बैंकों, विभिन्न विभागों एवं सिविल कोर्ट बाराबंकी के समस्त न्यायालयों द्वारा समग्र रूप से कुल-1,52,732 मामलों का निस्तारण कर कुल रू-10,52,24,118.00/-अर्थदण्ड एवं प्रतिकर के रूप में जमा कराया गया।
उक्त निस्तारित मामलों में सिविल कोर्ट बाराबंकी के विभिन्न न्यायालयों द्वारा कुल-7106 वादों का निस्तारण करते हुए कुल-30,0,36,201.00/- धनराशि अर्थदण्ड एवं प्रतिकर के रूप वसूल किया गया।
प्री-लेटिगेशन स्तर पर राजस्व विभाग, बैंकों, विभिन्न विभागों के कुल-1,45,626 मामलों का निस्तारण करते हुए कुल-7,51,87,917.00/- धनराशि वसूल किया गया।
जनपद न्यायाधीश श्री रवीन्द्र नाथ दूबे द्वारा कुल 07 वादों का निस्तारण किया गया। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय श्री दुर्ग नरायन सिंह द्वारा 63 मामलों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना प्रतिकर के कुल 39 वादों का निस्तारण करते हुए धनराशि रू-14272599.00 प्रतिकर के रूप में दिलाया गया। ए0डी0जे0 प्रथम द्वारा 01 वाद, विशेष न्यायाधीश ई0सी0 एक्ट द्वारा 80 वाद, ए0डी0जे0 कोर्ट संख्या-46 द्वारा 02 वाद, ए0डी0जे0 कोर्ट संख्या-10 द्वारा 02 वाद, प्रथम अपर प्रधान न्यायाधीश द्वारा-38 वाद, द्वितीय अपर प्रधान न्यायाधीश द्वारा-17 वाद, ए0डी0जे0 कोर्ट संख्या-4 द्वारा 02 वाद, ए0डी0जे0 कोर्ट संख्या-45 द्वारा 01 वाद, ए0डी0जे0/एफ0टी0सी0 कोर्ट संख्या-36 द्वारा 02 वाद का निस्तारण किया गया।
विभिन्न न्यायिक दण्डाधिकारियों एवं दीवानी न्यायालयों द्वारा कुल-6949 मामलों को निस्तारित करते हुए धनराशि रू0-30036201.00 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किया गया जिसमें से श्री राकेश मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी द्वारा सर्वाधिक 1950 वादों का निस्तारण किया गया। सिविल जज सी0डी0 द्वारा 25 वाद, ए0सी0जे0एम0 कोर्ट संख्या-17 द्वारा 791 वाद, अपर सिविल जज सी0डी0 द्वारा 212 वाद, ए0सी0जे0एम0 कोर्ट संख्या-25 द्वारा 1140 वाद, ए0सी0जे0एम0 कोर्ट संख्या-19 द्वारा 1270 वाद, सिविल जज सी0डी0/ एफ0टी0सी0 कोर्ट संख्या-38 द्वारा 755 वाद, न्यायिक अधिकारी ग्राम न्यायालय सिरौली गौसपुर द्वारा 140 वाद, सिविल जज जू0डी0 कोर्ट संख्या-24 हैदरगढ़ द्वारा 173 वाद, सिविल जज जू0डी0 कोर्ट संख्या-13 द्वारा 47 वाद, जे0एम0 कोर्ट संख्या-27 द्वारा 233 वाद, न्यायिक अधिकारी ग्राम न्यायालय राम नगर द्वारा 17 वाद, सिविल जज जू0डी0 रा0सा0घाट कोर्ट संख्या-14 द्वारा 15 वाद, अपर सिविल जज जू0डी0 कोर्ट संख्या-22 द्वारा 10 वाद, सिविल जज जू0डी0/एफ0टी0सी0 कोर्ट संख्या-43 द्वारा 11 वाद, सिविल जज जू0डी0/एफ0टी0सी0 कोर्ट संख्या-39 द्वारा 05 वाद, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-15 द्वारा 35 वाद, विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट संख्या-33 द्वारा 20 वाद, स्थाई लोक अदालत द्वारा 03 वाद का निस्तारण किया गया।
पूर्ण कालिक सचिव आदर्श श्रीवास्तव द्वारा बताया गया कि जिले के विभिन्न राजस्व न्यायालयों से कुल-40472 वादों का निस्तारण किया गया। जिले की विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 833 एन0पी0ए0 खातों का निस्तारण करते हुए रू0-5,56,44,304.00 रू0 वसूल किये गये। आर्यावर्त बैंक द्वारा सर्वाधिक 285 मामलों का निस्तारण किया गया। बैंक आफ इण्डिया द्वारा 161 मामले निस्तारित किया गया। विघुत विभाग द्वारा कुल 366 मामलों का निस्तारण, नगर पालिका द्वारा 11 मामलों का, स्टाम्प आयुक्त कार्यालय द्वारा-05 मामले, दूर संचार विभाग द्वारा-20 मामलों का, जिला उघान विभाग द्वारा-04, सी0डी0ओ0 कार्यालय के मनरेगा अनुभाग द्वारा 78226 मामलों, जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा 03, भूमि आज्ञप्ति अधिकारी द्वारा 03 मामले का, जिला पूर्ति विभाग द्वारा 2582 मामले, उपभोक्ता फोरम द्वारा 03 मामलों, जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा 1236, पशुपालन विभाग द्वारा 1482, मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय द्वारा 19886 मामलों का निस्तारण किया गया।
जनपद न्यायाधीश श्री रवीन्द्र नाथ दूबे ने सभी लोगों को लोक अदालत में अपनी अपनी सहभागिता हेतु धन्यवाद ज्ञापित करते हुए लोक अदालत की सफलता हेतु बधाई दी


