
रिपोर्टर :- उज्जवल कुमार साहा
साहिबगंज। असम के टीनखांग में आयोजित चुनावी सभा में झारखंड के मुख्यमंत्री Hemant Soren के संबोधन को सुनने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। सभा में उमड़ी भीड़ और लोगों का उत्साह इस बात का संकेत दे रहा था कि क्षेत्र में बदलाव और विकास की मांग तेज हो रही है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी राजनीति का मूल उद्देश्य समाज के हर वर्ग को न्याय दिलाना, उनके अधिकारों की रक्षा करना और राज्य को समृद्धि के रास्ते पर आगे बढ़ाना है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि रोजगार के नए अवसर सृजित करना उनकी प्राथमिकता है।
सभा के दौरान उन्होंने असम के चाय बागानों में कार्यरत आदिवासी महिलाओं की स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं को उनकी मेहनत के अनुरूप उचित मजदूरी मिलनी चाहिए और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। इस मुद्दे पर उन्होंने जनसमर्थन की अपील भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है जब जनता न्याय, अधिकार और समृद्धि की राजनीति को आगे बढ़ाए और एक मजबूत व विकसित असम के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे मिलकर एक सशक्त, समृद्ध और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान दें।
सभा के अंत में लोगों का उत्साह चरम पर देखा गया और बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमूह ने बदलाव के समर्थन में अपनी सहमति जताई। यह जनसभा आगामी चुनावों में राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने वाली मानी जा रही है।



