13 साल पुराने विवाद का हुआ सुखद अंत, बेलहरा में मुख्य मार्ग से निकली मां दुर्गा की विसर्जन यात्रा।
बड़े प्रयासों और आपसी सहयोग से दूर हुई बाधा, वर्षों बाद भाटूवामऊ मुख्य मार्ग से हुआ प्रतिमाओं का विसर्जन।

रिपोर्ट :- शिवा वर्मा (संपादक)
बाराबंकी। तहसील फतेहपुर क्षेत्र के बेलहरा में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर वर्षों से चला आ रहा विवाद आखिरकार आपसी सहयोग और सार्थक प्रयासों से सुलझ गया। वर्ष 2013 में हुए विवाद के बाद प्रतिमा विसर्जन पर लगाई गई सरकारी रोक के चलते लंबे समय से चली आ रही परेशानी का समाधान निकलने के बाद इस बार विसर्जन यात्रा मुख्य मार्ग भाटूवामऊ से निकाली गई। इस घटनाक्रम को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2013 में हुए विवाद के बाद मां दुर्गा की प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर प्रतिबंध लगा दिया गया था। इसके चलते प्रतिमाओं को मुख्य मार्ग से ले जाने के बजाय खेतों के रास्ते विसर्जन स्थल तक पहुंचाया जाता था। वर्षों तक चली इस व्यवस्था के कारण श्रद्धालुओं को वैकल्पिक रास्ते का सहारा लेना पड़ता था।
हालांकि, लंबे समय से चली आ रही इस समस्या के समाधान के लिए किए गए प्रयासों और आपसी सहयोग से रास्ता निकला। इसके बाद इस बार मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन मुख्य मार्ग भाटूवामऊ से संपन्न हुआ। मुख्य मार्ग से विसर्जन यात्रा निकलने से श्रद्धालुओं में खुशी का माहौल देखने को मिला।
करीब 13 वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान क्षेत्र में आपसी समन्वय और सकारात्मक पहल की अहमियत को दर्शाता है। धार्मिक आस्था से जुड़े इस मामले में विवाद का हल निकलना और मुख्य मार्ग से विसर्जन होना स्थानीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
बेलहरा में वर्षों पुरानी बाधा दूर होने के बाद मां दुर्गा की विसर्जन यात्रा का मुख्य मार्ग से निकलना चर्चा का विषय बना हुआ है।




