कांग्रेस ने छेड़ा ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’, सरकार पर मजदूर विरोधी नीतियों का आरोप।

रिपोर्ट :- नीरज शर्मा
श्रावस्ती। जिले में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शनिवार को जिला कांग्रेस कार्यालय में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान की शुरुआत करते हुए केंद्र और राज्य सरकार पर मनरेगा योजना को कमजोर करने और गरीब व मजदूर विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए अभियान के जिला कोऑर्डिनेटर अमन पांडे ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों और मजदूरों की जीवनरेखा है, लेकिन मौजूदा सरकार इसे लगातार कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि मजदूरों को समय पर न तो काम मिल रहा है और न ही उनकी मजदूरी का भुगतान हो रहा है, जिससे गांवों में भुखमरी, बेरोजगारी और पलायन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
अमन पांडे ने बताया कि यह अभियान 10 जनवरी से 25 फरवरी 2026 तक पूरे देश में चलाया जाएगा, जिसके तहत प्रेस वार्ताएं, पंचायत स्तर पर जनसंपर्क, चौपाल, नुक्कड़ सभाएं और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे, ताकि मजदूरों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके। कांग्रेस जिला अध्यक्ष विद्यामणि त्रिपाठी ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण गांवों में बेरोजगारी चरम पर पहुंच गई है और मनरेगा मजदूरों को न नियमित काम मिल रहा है और न ही समय पर मजदूरी, जिससे वे भुखमरी के कगार पर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बकाया मजदूरी का भुगतान नहीं किया और पर्याप्त काम की गारंटी नहीं दी तो कांग्रेस आंदोलन को और तेज करेगी।
प्रेस वार्ता में मौजूद सभी कांग्रेस नेताओं ने एक स्वर में कहा कि मनरेगा गरीबों की जीवनरेखा है और इसके साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने मजदूरों और ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उनकी लड़ाई सड़क से लेकर संसद तक लड़ती रहेगी और उनके अधिकार दिलाकर ही दम लेगी।




