पेट्रोलियम क्षेत्र में सुरक्षा मानकों को बढ़ाना
रिपोर्ट:-शमीम
पेट्रोलियम के परिवहन और भंडारण कार्य में लगी तेल और गैस कम्पनियाँ अपने परिचालन के लिए प्राथमिक जिम्मेदारी उठाती हैं। उनके लिए इस संबंध में सभी मानकों का पालन करना आवश्यक है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत एक तकनीकी निदेशालय, तेल उद्योग सुरक्षा निदेशालय (ओआईएसडी) को मानकों को तैयार करने, सुरक्षा ऑडिट के माध्यम से इनके कार्यान्वयन की देखरेख करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसका उद्देश्य सुरक्षा स्तरों को बढ़ाना और इस उद्योग में निहित जोखिमों को कम करना भी है।
ओआईएसडी ने सूचित किया है कि, अन्य बातों के साथ-साथ, पेट्रोलियम परिवहन और भंडारण की सुरक्षा और दक्षता बढ़ाने के लिए पेट्रोलियम उद्योग के लिए निम्नलिखित सुरक्षा उपाय निर्धारित किए गए हैं:
सड़क मार्ग से परिवहन:
- वाहन ट्रैकिंग लागू की गई है और इसके उल्लंघनों की निगरानी की जा रही है तथा कार्रवाई की जा रही है।
- रात में वाहन चलाने पर प्रतिबंध।
- टैंक को रक्षात्मक ड्राइविंग और सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
ट्रक (टीटी) चालक
पाइपलाइन द्वारा परिवहन:
- बुद्धिमान पिगिंग, कैथोडिक सुरक्षा आदि के माध्यम से नुकसान की निगरानी।
- ऑन-लाइन निगरानी के लिए पर्यवेक्षी नियंत्रण और डेटा अधिग्रहण (एससीएडीए) प्रणाली।
- तरल पाइपलाइनों में अनुप्रयोग सॉफ्टवेयर-आधारित लीक डिटेक्शन सिस्टम ( एलडीएस)।
- पाइपलाइन इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम (पीआईडीएस) चोरी नियंत्रण के लिए।
- भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) के माध्यम से पाइपलाइनों का मानचित्रण
भंडारण टैंकों के लिए:
- दबाव सीमित करने वाले उपकरण, टर्मिनल ऑटोमेशन सिस्टम (टीएएस), उन्नत अग्निशमन प्रणाली और रिमोट संचालित शट-ऑफ वाल्व (आरओएसओवी) जैसे सुरक्षा उपाय।
- जल्दी पता लगाने और समय पर चेतावनी देने के लिए सभी संभावित रिसाव बिंदुओं पर हाइड्रोकार्बन डिटेक्टर और गैस निगरानी प्रणाली।
यह जानकारी आज लोकसभा में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री सुरेश गोपी ने एक लिखित उत्तर में दी।




