डॉ अम्बेडकर आर्थिक विपन्नता, चरम अनटचविलिटी के समय 32 डिग्रियां की थी हासिल।

रिपोर्ट :- शिवा वर्मा।
बाराबंकी। डॉ अम्बेडकर आर्थिक विपन्नता, चरम अनटचविलिटी के समय 32 डिग्रियां हासिल किया है और सिंबल ऑफ नॉलेज की उपाधि से जाने जाते हैं यह सामान्य बात नही है। आज सभी सुख सुविधा प्राप्त करने के बाद भी एक डिग्री हासिल नही हो पाती। यह विचार जिले के मूर्धन्य साहित्यकार अधिवक्ता इकबाल ए राही ने नाका सतरिख स्थित डॉ अम्बेडकर पार्क में डॉ भीमराव अम्बेडकर मेमोरियल सेवा समिति व पार्क, स्मारक अनुरक्षण समिति की बैठक में व्यक्त किये। समिति के पदाधिकारियों ने श्री राही को उनकी रचित पुस्तक हिंदी राष्ट्र भाषा को सरकार द्वारा साहित्य सृजना पुरस्कार से सम्मानित होने के उपलक्ष्य में नागरिक अभिनंदन किया। समिति के अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने कहा कि प्रकृति ने दिन के 24 घंटे सभी को दिए हैं, लक्ष्य संधान व्यक्तित्व उन्ही घण्टो में ऐसा कार्य कर जाते हैं जिनसे समाज को दिशा मिलती है। इकबाल राही जी उन्ही व्यक्तित्व में से एक हैं जिन पर जनपद वासी गर्व करते हैं।
समिति के महासचिव राम औतार ने बैठक का संचालन करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को अपने समाज के लिए पे बैक टू सोसाइटी के फार्मूले पर कार्य करना चाहिए। बैठक में समिति के कोषाध्यक्ष गंगाराम, पदाधिकारी रमेश कुमार चौधरी, सचिव मंशाराम कनौजिया ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर योगाचार्य डॉ शशि कुमार अवस्थी ने योगाभ्यास कराया। इस मौके पर जेएल भास्कर, सहदेव प्रसाद, राम प्रगट कनौजिया, जियालाल , कमलेश कुमार गौतम, राम दयाल, कन्हैया लाल, सुरेन्द्र कुमार, सियाराम वर्मा आदि तमाम लोग उपस्थित रहे।




