पीड़ितों के प्रार्थना पत्रों पर त्वरित कार्यवाही करते हुये लाखों रूपयों की वापसी एवं अभियोगों का अनावरण करते हुए कई शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर आवेदकों के चेहरे पर पुलिस ने लौटायी मुस्कान

स्टेट हेड शमीम की रिपोर्ट
परिक्षेत्रीय साइबर क्राइम थाना झॉसी पुलिस टीम द्वारा आवेदको / पीड़ितों के प्रार्थना पत्रों पर त्वरित कार्यवाही करते हुये लाखों रूपयों की वापसी एवं अभियोगों का अनावरण करते हुए कई शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर आवेदकों के चेहरे पर लौटायी मुस्कान संक्षिप्त विवरण : के साइबर अपराधों के सफल अनावरण हेतु श्रीमान् अपर पुलिस महानिदेशक , साइबर उ 0 प्र 0 लखनऊ श्री रामकुमार निर्देशानुसार गठित साइबर क्राइम थाना टीम द्वारा तकनीकी संसाधनों का प्रयोग करते हुये जॉच एवं विवेचना के क्रम में श्रीमान् पुलिस उपमहानिरीक्षक झांसी , परिक्षेत्र झॉसी श्री जोगेन्द्र कुमार के कुशल मार्ग दर्शन एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झाँसी श्री शिवहरी मीणा के निर्देशन में पुलिस अधीक्षक नगर / नोडल अधिकारी साइबर क्राइम पुलिस थाना झाँसी परिक्षेत्र झाँसी श्री विवेक त्रिपाठी के निकट पर्यवेक्षण में थाने पर प्राप्त शिकायतों में त्वरित कार्यवाही करते हुए प्रभारी निरीक्षक परिक्षेत्रीय साइबर थाना शिवशंकर सिंह मय टीम ने महज पिछले 03 माह में 20 लाख रूपये जो साइबर ठगों द्वारा अपने खाते में स्थानान्तरित कर लिये गये थे पीड़ितों के खातों में वापस कराये जिनमें से आवेदक – अजय कुमार नि 0 1138 ट्यूबवेल रोड खाती बाबा झांसी के अज्ञात व्यक्ति द्वारा आवेदक के साथ धोखाधड़ी कर 7,28,588 रूपये का फ्रॉड किया जिसमें कुल- 6,03,590 / – रूपये वापस , श्री सोनी बग्गा नि 0 ललितपुर रोड झासी के अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन कर आवेदक के खाते से 99,999 / – रूपये का फ्रॉड करना जिसमें कुल- 99,999 / रूपये वापस , आदेवक मोती लाल पुत्र श्री लाला रामपाल नि 0 खैलार भेल झांसी के अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन कर आवेदक के खाते से 4,99,990 / – रूपये का फ्रॉड करना जिसमें कुल- 4,48,988 / – रूपये वापस , डा 0 कामद दीक्षित निर्मल हॉस्पिटल कैम्पस कानपुर रोड झांसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन कर आवेदक के खाते से 2,50,000 / रूपये का फ्रॉड करना जिसमें कुल- 2,50,000 / – रूपये वापस कराये । पूर्व में साइबर थाना स्थापित होने के समय से करीब 07 माह में 14 लाख से अधिक रूपये पीड़ितों के खातों में वापस कराये गये थे । अब तक कुल- तेतीस लाख उनतालीस हजार से अधिक रूपये वापस कराये जा चुके है । इसके अलावा अब तक थाने पर कुल 22 अभियोग पंजीकृत किये जा चुके है और विवेचनात्मक कार्यवाही के दौरान कुल 13 शातिर अपराधियों को गिरफ्तार करते हुये उनके कब्जों से नगद रूपये के साथ – साथ घटना में प्रयुक्त दर्जनों मोबाइल , सिम , एटीएम कार्ड , वाहन , चैक बुक व अन्य डिवाइसें आदि भी बरामद की जा चुकी है । तथा साइबर पुलिस टीम द्वारा पूरे देश के विभिन्न प्रान्तों मे साइबर ठगों के बैंक खातों में कुल 11 लाख 33 हजार रूपयों को फ्रीज कराया जा चुका है जिसकी पीड़ितों के खातों में रूपये वापस कराने की कार्यवाही प्रचलित है । ऐसे बनाते है लोगों को शिकार साइबर अपराधी जामताड़ा झारखण्ड , मेवात हरियाणा , राजस्थान के भरतपुर जैसे स्थान साइबर अपराधियों का गढ़ माने जाते है , यहाँ के साइबर अपराधी नित्य नयी तकनीक को इजाद करते है हर माह अपराध करने के तरीकों को बदलते रहते हैं ।
शुरूआत में एटीएम बूथों पर हेल्प करने के नाम पर एटीएम कार्ड बदल कर / क्लोन करके एटीएम से रूपये निकाल लेते थे वहीं अब मोबाइल कॉल के माध्यम से आम लोगों को तरह – तरह के लुभावने लालच देते हुए बैंक खातों से रूपये ट्रान्सफर कर लेते है या अपने खातों में डलवा लेते है । इसके अलावा अन्य प्रकार के साइबर अपराध निम्न है • एटीएम से पैसे निकालते समय लोगों की मदद के नाम पर एटीएम चेन्ज / क्लोन कर लेना व पीड़ितों का पैसा निकाल लेना । • फोन कॉल करके लॉटरी लगने का झांसा देकर अकाउंट नम्बर लेते हुए एक रूपये खाते में डालकर ओटीपी आदि पूंछकर पीड़ितों का खाता साफ कर देना । • मोवाइल के माध्यम से OLX पर विज्ञापन के सहारे फौजी बनकर सस्ती कीमत में वाहन वेचने का झांसा देकरअपने खाते में रूपये डलवा लेना । • सस्ता लोन देने के नाम पर फ्रन्चाइसी के नाम पर , केवीसी में नाम आने का झांसा देकर इनाम जीतने में रूपया , गाड़ी आदि का लालच देकर खाते में पैसा डलवाने के नाम पर ठगी करना । • मोबाइल के माध्यम से फेसबुक पर फ्रेन्ड रिक्वेस्ट भेजकर दोस्ती करके व्हाटस् एप के माध्यम से वीडियों कॉल करके नग्न लड़की की वीडियो दिखाकर शिकार व्यक्ति को नग्न करने को मजबूर करना व वीडियों बनाकर फेसबुक पर वायरल करने की धमकी देकर रूपयों की मांग करना । • विभिन्न बैंक खातों रीएसएनएल सिम की KYC अपडेट कराने हेतु मैसेज भेज कर व पुलिस पेंशनर्स व कर्मियों को ट्रेजरी आफीसर व बैंक कर्मी बनकर वेतन संशोधित करने के नाम पर डाटा लेकर ठगी करना । फेसबुक पर समान्तर अकांउट बना कर दोस्तो व रिस्तेदारों से रूपयों खाते में डालने की कहकर ठगी करना । साइबर ठगी से बचने के उपाय e किसी भी दशा में अनजान व्यक्ति के फोन कॉल , मैसेज , फेसबुक , व्हाटस् एप मैसेज आने और इन सब माध्यम से तरह – तरह की प्रलोभन देने पर लालच न करे न ही उनकी बातों का भरोसा करे । यदि अनजान कॉल , मैसेज पर लालच नहीं किया और भरोसा नहीं किया तो आप ठगी के शिकार नहीं हो सकते । कभी भी किसी को OTP न बताये , ATM अनजान व्यक्ति को न दे , अनजान व्यक्ति द्वारा बताये गये मोबाइल एप डाउनलोड न करें । अनजान व्यक्ति से फेसबुक पर दोस्ती न करें , कस्टमर केयर का गूगल पर नम्बर सर्च न करें । यदि बहुत आवश्यक है तो अधिकारिक वेवसाइट पर ही कोई नम्बर सर्च करें । यदि साइबर ठगी से बचना है तो सतर्कता व जागरूकता से अच्छा और कोई विकल्प नहीं । साइबर अपराध होने पर तुरन्त 155260 पर कॉल करें
E – mail – sho-cybercrime.jh@up.gov.in Whatsapp mobile number – 7839876648 , 9454409751 1 अनावरण करने वाली पुलिस टीम 1. प्रभारी निरीक्षक श्री शिवशंकर सिंह परिक्षेत्रीय साइबर क्राइम थाना झांसी , निरीक्षक श्री स्वास्तिक द्विवेदी , उप निरीक्षक श्री राहुल सिंह , क 0 ऑ 0 अबुल हसन का 0 सचिन तिवारी , का 0 नरेश कुमार , का 0 मोहम्मद इमरान , का 0 आशुतोष , का 0 शरद कुमार , का 0 अनिल कुमार , का 0 रोहित चौरसिया , का 0 अमन कटियार , मय समस्त परिक्षेत्रीय साइबर थाना पुलिस टीम ।




