
रिपोर्टर :- उज्जवल कुमार साहा
साहिबगंज।अपर समाहर्ता गौतम कुमार भगत की अध्यक्षता में जिला स्तरीय तकनीकी समिति (स्केल ऑफ फाइनेंस) की महत्वपूर्ण बैठक कार्यालय प्रकोष्ठ में आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य, पशुपालन एवं गव्य विकास से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा कर सर्वसम्मति से अनुमोदन किया गया।
जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा जानकारी दी गई कि किसानों को कृषि ऋण, केसीसी एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत लाभ प्रदान करने हेतु विभिन्न फसलों एवं गतिविधियों के लिए स्केल ऑफ फाइनेंस निर्धारित किया जा रहा है। बैठक में धान, मकई, गेहूं, चना, सरसों, गन्ना, रागी, ज्वार एवं जूट जैसी प्रमुख फसलों के साथ-साथ आलू, टमाटर, बैंगन, मिर्च, भिंडी, कद्दू वर्गीय सब्जियां, फूलगोभी, पत्तागोभी, मटर एवं प्याज जैसी उद्यानिकी फसलों की प्रति हेक्टेयर लागत पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
इसके अतिरिक्त मत्स्य पालन के अंतर्गत मिश्रित मत्स्य पालन, मत्स्य बीज उत्पादन एवं मत्स्य-सह- एकीकृत गतिविधियों (बत्तख, सुकर एवं मुर्गी पालन) पर चर्चा की गई। पशुपालन के अंतर्गत बकरी, सुकर, ब्रोयलर एवं लेयर पालन के लिए बीमा, चारा, दाना एवं अन्य खर्चों का निर्धारण किया गया, वहीं गव्य विकास के तहत 2, 5 एवं 10 मवेशियों के लिए परिमाप तय किया गया।

बैठक में मधुमक्खी पालन, रेशम कीट पालन, लाह एवं मशरूम उत्पादन हेतु कार्यशील पूंजी ऋण के स्केल ऑफ फाइनेंस पर भी विचार कर निर्णय लिया गया। बताया गया कि मजदूरी दर में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए सभी फसलों के स्केल ऑफ फाइनेंस में आंशिक वृद्धि का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
अपर समाहर्ता ने बैठक में उपस्थित सभी बैंक प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि किसानों को केसीसी एवं कृषि ऋण उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की अनावश्यक बाधा न उत्पन्न करें और उन्हें समय पर ऋण उपलब्ध कराएं, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हो।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक, कृषि उत्पादन बाजार समिति के पणन सचिव, JSLPS के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, जिला योजना एवं मूल्यांकन पदाधिकारी, आत्मा के उप परियोजना निदेशक सहित अन्य सदस्य एवं प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।


