शिवसैनिको ने शहीद भगत सिंह की 95 वें बलिदान पर किया नमन।

रिपोर्ट :-शिवा वर्मा (संपादक)
बाराबंकी। शिवसैनिको ने आज शिवसेना यूबीटी जिला उप प्रमुख दीपू वाल्मिकी उर्फ पंडित जी के नेतृत्व में पार्टी मुख्यालय सोमैया नगर देवा रोड़ पर आयोजित कार्यक्रम में संविधान शिल्पी डॉ भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर नमन कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की
इस अवसर पर शिवसेना उद्धव बाला साहब ठाकरे के प्रदेश महासचिव मनोज मिश्र विद्रोही ने अपने संबोधन में कहा कि महामानव डॉ भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को, मध्य प्रदेश के महू में, महार जाति में हुआ था। परंपरागत रूप से निम्न ग्रामीण सेवकों वाली जाति में जन्म लेने के कारण, उनकों अपने जीवन के शुरुआती वर्षों में जातिगत भेदभाव की कठोर वास्तविकताओं का सामना करना पड़ा। बचपन में सामाजिक बहिष्कार और अपमान का सामना करने के उनके अनुभव ने उनमें जाति व्यवस्था के अन्याय के खिलाफ लड़ने का गहरा संकल्प पैदा कर दिया
डॉ. भीमराव अंबेडकर की शैक्षणिक यात्रा मुंबई के एल्फिंस्टन हाई स्कूल से प्रारम्भ हुई, जहाँ वे पहले दलित छात्रों में से एक थे। भेदभाव का सामना करने के बावजूद, उन्होंने शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जो उन्हें एल्फिंस्टन कॉलेज से न्यूयॉर्क के कोलंबिया विश्वविद्यालय तक ले गया। कोलंबिया विश्वविद्यालय उनके जीवन के लिए परिवर्तनकारी सिद्ध हुआ, वहां उन्होनें समाजशास्त्रियों और अर्थशास्त्रियों के कार्यों के साथ-साथ स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांतों से अवगत हुए, जो बाद में उनके दृष्टिकोण का आधार बन गए ऐसे महान व्यक्तित्व को हम सब नमन करते है
कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला उप प्रमुख दीपू वाल्मिकी उर्फ पंडित ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर महिला उद्धारक ,समाज सुधारक एवं दलित समाज के चिंतक थे और विशेषकर महिलाओं की शिक्षा और कुरीतियों से लड़ने का संदेश दिया तथा अंत समय तक दलित समाज के उत्थान के लिए संघर्ष करते रहे
इस अवसर पर जिला वरिष्ठ उप प्रमुख कमलेश सिंह चौहान,जिला मीडिया प्रभारी एस एन मिश्रा,जिला सचिव चंद्र शेखर,भवानी सेना राम नगर ब्लाक प्रमुख जय देवी,सरवन बाबा आदि पदाधिकारी उपस्थित थे।



