डर नहीं, दमखम: परिषदीय विद्यालयों की छात्राओं में आत्मरक्षा ट्रेनिंग को लेकर जबरदस्त उत्साह।

रिपोर्ट :- शिवा वर्मा (सम्पादक)
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा निःशुल्क संचालित रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत बाराबंकी में चल रहे शिविरों में शुक्रवार को प्रशिक्षणरत बालिकाओं की दक्षता और क्षमता का परीक्षण किया गया। इस दौरान बालिकाओं ने आत्मरक्षा कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज हैदरगढ़, पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज बरौली जाटा तथा नगर स्थित पीएम श्री राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में सरकार की ओर से नि:शुल्क प्रशिक्षण दे रहे प्रशिक्षक जितेंद्र मौर्य ने बालिकाओं की क्षमता और दक्षता का आकलन किया। बालिकाओं ने चाकू, लाठी और पिस्तौल से अचानक होने वाले हमलों से बचाव के साथ-साथ पिन, पेन, नाखून, दुपट्टा, सेफ्टी पिन, सैंडिल, पंच और एल्बो तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
मार्शल आर्टिस्ट जितेंद्र मौर्य ने बताया कि अब तक सफदरगंज, सतरिख, बांसा, नियामतपुर, पूरेडलाई, ढेमा, जहांगीराबाद, शहाबपुर, हसनपुर टांडा और फतेहपुर सहित विभिन्न राजकीय विद्यालयों में 4,000 से अधिक बालिकाओं को सरकार की इस योजना के तहत निःशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण में मार्शल आर्ट की मूल तकनीकों के साथ आपात परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाए जा रहे हैं।

वहीं योद्धा ताइक्वांडो अकादमी के वरिष्ठ प्रशिक्षक जय शंकर गुप्ता ने बताया कि प्रदेश सरकार बालिकाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा कार्यक्रम के तहत प्रदेशभर में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है, जो बालिका सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।




