मौत के बाद गुस्साए परिजन पट्टे की जमीन पर ही शव का अन्तिम संस्कार करने की बात को लेकर अड़े।

रिपोर्ट :-शिवा वर्मा (सम्पादक)
बाराबंकी। मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के बसारी में पट्टे की जमीन पर कब्जा न होने से कई किसान जिला के गन्ना संस्थान में धरने पर बैठे हैं। वहीं, एक किसान की बीते 17 दिसंबर को तबीयत खराब हो गई थी। इस दौरान शुक्रवार की रात उनकी मौत हो गई।
मौत के बाद गुस्साए परिजन पट्टे की जमीन पर ही शव का अन्तिम संस्कार करने की बात को लेकर अड़ गए। हंगामे की जानकारी पाकर मौके पर पहुंचे एसडीएम ने मनाने का प्रयास किया। उसके बाद लिखित आश्वासन देने पर परिजन माने और किसान का अन्तिम संस्कार किया गया।
फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम बसारी में वर्ष 1983 में 69 पट्टे किए गए थे। चकबंदी के बाद वर्ष 1995 में 83 लोगों को पट्टे किए गए थे। लेकिन 69 पट्टेधारकों में कई लोग उसमें नहीं शामिल थे। किसान 40 वर्षों से पट्टाधारक भूमि को अपने हक में कराने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उसी मामले को लेकर कई किसान धरने पर बैठे हैं। किसान गौरीशंकर (82) की 17 दिसंबर को तबीयत खराब हो गई थी। इससे प्रशासन ने उन्हें घर भेज दिया था।
गौरी शंकर की शुक्रवार को हालत गंभीर होने से मृत्यु हो गई।
अगले दिन शनिवार की सुबह गुस्साए मृतक के परिजनों ने शव का अन्तिम संस्कार करने से मना कर दिया। उनके पुत्र रामतीर्थ ने कहा कि जिस पट्टे की भूमि के लिए लड़ते- लड़ते मृत्यु हो गई, उसी भूमि पर शव का अन्तिम संस्कार करेंगे।
एसडीएम ने दिया लिखित आश्वासन
सूचना पर एसडीएम राजेश कुमार विश्वकर्मा, सीओ जगतराम कनौजिया पुलिस और राजस्व टीम के साथ पहुंचे। एसडीएम ने मृतक के परिजनों को समझाने की कोशिश की लेकिन परिजन मानने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद एसडीएम के लिखित आश्वासन देने के बाद परिजन माने और किसान का अन्तिम संस्कार किया।




