स्वतंत्रता सेनानी जेपी लोहिया और कैप्टन अब्बास अली की स्मृति में सभा का आयोजन किया गया।

रिपोर्ट :- शिवा वर्मा (संपादक)
बाराबंकी। गांधी भवन में गांधी जयंती समारोह ट्रस्ट द्वारा स्वतंत्रता सेनानी जेपी लोहिया और कैप्टन अब्बास अली की स्मृति में सभा का आयोजन
किया गया। इस दौरान उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। सभा की अध्यक्षता कर रहे हैं ट्रस्ट के संस्थापक राजनाथ शर्मा ने कहा
कि जेपी, लोहिया और अब्बास अली समाजवादी सिद्धांत के धुरी थे। उन्होंने गैर कांग्रेसवाद का नारा ही नहीं दिया बल्कि गैर कांग्रेसी सरकारें भी बनाई। लेकिन गैर कांग्रेसी सरकारों ने देश में अलोकतांत्रिक नीतियों को
लागू कर लोहिया और जेपी के विचारों की हत्या की है। देश मे अघोषित आपातकाल की स्थिति बनी हुई है। सरकारें सिर्फ लोहिया और जेपी का नाम ले रही है। काम सिर्फ देश तोड़ने और नफ़रत फैलाने का कर रहे है। अमीरी और गरीबी की दूरी बढ़ती जा रही है। पूंजीवाद और साम्रज्यवाद का शासन चल रहा है। आम आदमी महंगाई, बेरोजगारी से त्रस्त है। श्री शर्मा ने कहा कि भाजपा की सफलता में लोहिया और जेपी के योगदान को ढूंढ़ना तर्कसंगत नहीं, बल्कि पूर्वाग्रह प्रेरित है। क्योंकि दोनों समाजवादी स्वतंत्रता सेनानियों की विचारधारा सदैव सांप्रदायिकता विरोधी रही और दोनों धर्मनिरपेक्षता के प्रबलतम प्रवक्ता रहे। लोकतंत्र और नागरिक अधिकार के लिए आजीवन संघर्षरत और समर्पित रहे। इस मौके पर विनय सिंह, मृत्युंजय शर्मा,अशोक जायसवाल
नीरज दूबे, रणजंय शर्मा, पाटेश्वरी प्रसाद, सत्यवान वर्मा, मनीष सिंह पवन शर्मा आदि लोग मौजूद रहे।




