अधिवक्ता समाज के सजग प्रहरी एवं रीढ़ हैं, “भारत का संविधान प्रस्तावना” का पाठन देश के लोकतंत्र को संचालित करने वाली किताब का नाम है – वीरेन्द्र कुमार तिवारी

स्टेट हेड शमीम की रिपोर्ट
बाराबंकी 26 नवम्बर 2021।अधिवक्ता समाज के सजग प्रहरी एवं रीढ़ हैं, “भारत का संविधान प्रस्तावना” का पाठन देश के लोकतंत्र को संचालित करने वाली किताब का नाम है भारतीय संविधान, जो दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का धर्मग्रंथ है, आजादी के आंदोलन के दौरान जागृत हुई राजनीतिक चेतना का परिणाम स्वरूप भारतीय संविधान में देश के सभी समुदायों और वर्गों के हितों को देखते हुए विस्तृत प्रावधानों का समावेश किया गया है, भारतीय संविधान का मसौदा तैयार करने वाली समिति की स्थापना 29 अगस्त 1947 को हुई थी और 284 सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए और संविधान सभा ने भारत के संविधान को 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में 26 नवम्बर 1949 को पूरा कर राष्ट्र को समर्पित किया तथा 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया था। उक्त बातें यूपीसीएलडीएफ के राज्यमंत्री स्तर के चेयरमैन वीरेन्द्र कुमार तिवारी ने आज 72वें भारतीय संविधान दिवस(26नवम्बर) के अवसर पर बाराबंकी जिले में जिला बार एसोसिएशन द्वारा कचहरी परिसर में बने सभागार में आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि अपने उदबोधन के दौरान कही।
उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान में वर्तमान समय में भी केवल 395 अनुच्छेद, तथा 12 अनुसूचियाँ हैं और ये 25 भागों में विभाजित है परन्तु इसके निर्माण के समय मूल संविधान में 395 अनुच्छेद जो 22 भागों में विभाजित थे इसमें केवल 8 अनुसूचियाँ थीं।
श्री तिवारी ने कहा कि भारतीय संविधान लिखने वाली सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की स्मृति में तथा संविधान सभा के प्रारूप समिति के अध्यक्ष भारत रत्न देश के पहले कानून मंत्री रहे डॉ॰ भीमराव आंबेडकर जी 125वें जयंती वर्ष के अवसर पर की 26 नवम्बर 2015 को केन्द्र की मोदी सरकार ने देश के संविधान के बारे में नागरिकों के बीच जागरूकता फैलाने और संवैधानिक मूल्यों का प्रचार करने के लिए राष्ट्रीय संविधान दिवस मनाने का फैसला किया जिसके परिणामस्वरूप प्रत्येक वर्ष देश भर में 26 नवम्बर को राष्ट्रीय संविधान दिवस के रूप में मनाते चले आ रहे है।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के 75 वर्षों के बाद भी भारतीय संविधान अक्षुण्ण, जीवंत और सतत क्रियाशील बना हुआ है, भारत के संविधान ने भारत को एक संप्रभु समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया है।
श्री तिवारी ने कहा कि प्रत्येक भारतीय के लिए न्याय, विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की घोषणा की, भारत का राष्ट्रीय संविधान दुनिया के किसी भी देश द्वारा लिखा जाने वाला अब तक का सबसे लंबा संविधान है, भारत का संविधान राजनीतिक संरचना के निर्माण खंडों और सरकार के कर्तव्यों का वर्णन करता है तथा यह प्रत्येक भारतीय को एक मानव के रूप में उनके मौलिक अधिकार देता है।
इस अवसर पर लखनऊ खण्ड स्नातक एमएलसी ई०श्री अवनीश कुमार सिंह, बाराबंकी नगर पालिका परिषद के चेयरमैन श्री रंजीत बहादुर सिंह, बाराबंकी जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री योगेन्द्र सिंह वर्मा, बार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री दिलीप कुमार गुप्ता, बार के महामंत्री श्री नरेश कुमार सिंह सहित बार के पदाधिकारी व अधिवक्ता काफी संख्या में उपस्थित थे




