जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने पूर्वज साहित्यकार-जन्मभूमि दर्शन यात्रा के चतुर्थ चरण का कलेक्ट्रट से हरी झंडी दिखाकर किया शुभारंभ

स्टेट हेड शमीम की रिपोर्ट
बाराबंकी। पूर्वज साहित्यकार-जन्मभूमि दर्शन यात्रा के चतुर्थ चरण का कलेक्ट्रट से हरी झंडी दिखाकर जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह ने सोमवार को शुभारंभ किया। जिलाधिकारी ने यात्रा दल को शुभकामनाएं दीं। पितृ पक्ष के दौरान पूर्वज साहित्यकारों की स्मृतियाँ सहेजने एवं जन्मभूमि-नमन हेतु अवध भारती संस्थान, अखिल भारतीय साहित्य परिषद, आँखें फाउण्डेशन एवं साहित्यकार समिति द्वारा पूर्वज साहित्यकार-जन्मभूमि दर्शन यात्रा का संयुक्त आयोजन किया गया है।
यात्रा सबसे पहले संत कवि बाबा बैजनाथ जी की साधना भूमि मानपुर डेहवा पहुंची। वरिष्ठ समालोचक यात्रा के निर्देशक डॉ. श्यामसुंदर दीक्षित ने कहा कि ऋषि और कृषि की संयुक्त परंपरा से निकले संतो ने गृहस्थ जीवन की जो दिशा दिखाई है वह अद्वितीय है।
इस परंपरा में संत कवि बैजनाथ, संत जगजीवन दास, संत चतुर्भुज दा, संत विशाल दास ने जो उजाला दिया है वह पूरे संसार के लिए पथ प्रशस्त करने वाला है।
यात्रा की अध्यक्षता करते हुए अवधी ध्वज वाह राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त डॉ राम बहादुर मिश्र ने स्वीकारा कि देश की आर्थिक, सामाजिक, साहित्यिक उन्नति में जातियों का चरमोत्कर्ष सदैव से बाधक रहा है, किंतु अनेक साहित्यकारों ने इन बाधाओं को धता बताते हुए अपनी प्रतिभा से व रचना धर्मिता से अनेक कीर्तिमान गढ़े हैं। मुख्य वक्ता इतिहासज्ञ अजय सिंह गुरुजी ने कहा राम कथा साहित्य व तुलसी के समग्र साहित्य पर भाष्य से टीका लिखने वाले संत कवि बैजनाथ का हिंदी साहित्य में योगदान कमतर नहीं है। सूर, तुलसी, निराला, पंत, जयशंकर प्रसाद, बिहारी, हजारी प्रसाद द्विवेदी की तरह से साहित्य आकाश में चमकते सितारे बाबा बैजनाथ जी बाराबंकी वासियों की गौरव की पताका हैं। बाबा बैजनाथ जी की रचना काव्य कल्पद्रुम, नख शिख वर्णन पूरी दुनिया के साहित्यकारों के लिए अद्वितीय रचनाएं हैं। इस मौके पर संत कवि बैजनाथ कुर्मी एवं कवि रामदत्त जी तथा सेवक राम सुमन जी को नमन किया। यहां से यात्रा अयोध्या प्रसाद दीक्षित “शिष्य” की साधनाभूमि दशहरबाग, ब्रजकिशोर पांडेय ब्रजनंदन जी की साधनाभूमि बड़ेल, कुलान्त नाग की साधनाभूमि मुंशीगंज, त्रिभुवननाथ शर्मा मधु की साधनाभूमि सत्यप्रेमीनगर सहित अन्य कवियों की साधनाभूमि पर पहुँचकर यात्रा दल ने नमन किया।
यात्रा दल में यात्रा संरक्षक डॉ राम बहादुर मिश्र, अजय सिंह ‘गुरुजी’, डॉ. श्याम सुंदर दीक्षित, यात्रा अध्यक्ष प्रदीप सारंग, यात्रा संयोजक पंकज कँवल, समन्यवयक डॉ. बलराम वर्मा, सचिव डॉ. कुमार पुष्पेंद्र, सह सचिव विष्णु कुमार शर्मा ‘कुमार’, अजय प्रधान, सदानंद,नीता वर्मा, शशिप्रभा, धीरेंद्र चौधरी, साहब नरायन शर्मा, रजत बहादुर वर्मा, सीताकांत मिश्र, सुभाष वर्मा, वीरेंद्र वर्मा, रमेश चंद्र रावत, सुनील सहारा, आकाश नंद वर्मा, धर्मेंद्र पटेल, प्रदीप महाजन, छायाकार रामकुमार, सतीश कुमार आदि शामिल थे।




