
रिपोर्टर :- उज्जवल कुमार साहा
साहिबगंज। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहेबगंज, अखिल कुमार के मार्गदर्शन में आज 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं आउटरीच अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अभियान का उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क एवं सुलभ न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना तथा आमजन को उनके विधिक अधिकारों के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना है।
अभियान के शुभारंभ के अवसर पर एक व्यापक जागरूकता रैली (प्रभात फेरी) का आयोजन किया गया, जिसका नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, साहेबगंज, अखिल कुमार द्वारा किया गया। रैली में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम गुलाम हैदर, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी सिंधु नाथ लमाये, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, विश्वनाथ भगत, सिविल जज सह न्यायिक दंडाधिकारी अनूप मरांडी, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी तुषार आनंद, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी रिचेस, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष राकेश कुमार मिश्रा, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल (न्याय रक्षक) अरविन्द गोयल एवं उनकी टीम, अधिवक्ता संजय जयसवाल, गौतम कुमार सिंह, मानव कुमार पासवान, मो० असगर, सुनील कुमार, सरदार आनंद गोपाल सिंह, रूपेश पंडित, अनमोल जयसवाल तथा अन्य अधिवक्तागण, पारा लीगल वॉलंटियर (न्याय मित्र), न्यायालयकर्मी सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भागीदारी निभाई।
रैली के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में बैनर एवं स्लोगन लेकर आमजन को निःशुल्क विधिक सहायता, महिला एवं बाल अधिकार, वृद्धजनों के अधिकार, साइबर अपराध, नशा मुक्ति, बाल विवाह निषेध, घरेलू हिंसा से संरक्षण एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के संबंध में जागरूक किया। रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए विधिक सशक्तिकरण का संदेश प्रसारित करती रही।
उल्लेखनीय है कि यह 90 दिवसीय अभियान 23 जुलाई 2026 तक तीन चरणों में संचालित किया जाएगा। इस अभियान की कार्ययोजना “जागरूकता, पहचान एवं सहायता” के तीन प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इसके अंतर्गत जिले के सभी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम, डोर-टू-डोर अभियान, विधिक सेवा सह सशक्तिकरण शिविर, विद्यालय एवं महाविद्यालयों में प्रतियोगिताएं, नुक्कड़ नाटक, प्रदर्शनी तथा मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
अभियान के दौरान विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जनजाति, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं अन्य कमजोर वर्गों को चिन्हित कर उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही जेलों, बाल सुधार गृहों एवं अन्य संस्थानों में विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम चलाकर बंदियों को उनके अधिकारों से अवगत कराया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार उन्हें त्वरित विधिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक गांव एवं पंचायत तक पहुंच बनाकर लोगों की विधिक समस्याओं की पहचान की जाए तथा उन्हें शीघ्र एवं प्रभावी समाधान उपलब्ध कराया जाए। इस अभियान के तहत पारा लीगल वॉलंटियर (न्याय मित्र), पैनल अधिवक्ताओं एवं विधिक सेवा संस्थानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।
यह अभियान न केवल लोगों को कानून की जानकारी देगा, बल्कि उन्हें अपने अधिकारों के प्रति सजग एवं आत्मनिर्भर भी बनाएगा। आमजन से अपील की गई है कि वे इस 90 दिवसीय अभियान का अधिकतम लाभ उठाएं और निःशुल्क विधिक सेवाओं के माध्यम से अपने मामलों का समाधान कराएं।
यह अभियान समाज में न्याय की पहुंच को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा तथा “सबके लिए न्याय” के संकल्प को साकार करने में सहायक सिद्ध होगा।




