
सुदूर पहाड़ी गांव में भीषण अग्निकांड, आदिम जनजाति के चार परिवारों का आशियाना राख।
रिपोर्टर :– उज्जवल कुमार साहा
साहिबगंज। जिले के बरहेट प्रखंड अंतर्गत सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्र गोड़ाफुली के ऊपर टोला में बुधवार दोपहर अचानक लगी भीषण आग ने चार परिवारों को बेघर कर दिया। आग की इस भयावह घटना में आदिम जनजाति के धर्मा पहाड़िया, चांदी पहाड़ीन, सुरजी पहाड़ीन और झबरा पहाड़िया के घर पूरी तरह जलकर राख हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जंगल में झाड़ियों की सफाई के दौरान लगाई गई आग तेज हवा के झोंकों के कारण अनियंत्रित हो गई और धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ने लगी। देखते ही देखते आग ने पास के पेड़ों को अपनी चपेट में ले लिया और फिर चिंगारियां उड़कर झबरा पहाड़िया के घर तक पहुंच गईं। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और एक के बाद एक चार घरों को अपनी चपेट में ले लिया।
ग्रामीणों ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन क्षेत्र में पानी की भारी कमी होने के कारण वे असहाय नजर आए। लोगों ने अपने घरों में उपलब्ध सीमित पानी से आग पर काबू पाने की कोशिश की, परंतु तेज हवा के कारण आग लगातार फैलती रही। बाद में एक संवेदक द्वारा भेजे गए पानी के टैंकर की मदद से किसी तरह आग पर आंशिक रूप से काबू पाया जा सका।
घटना की सूचना मिलते ही बरहेट थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। प्रशासनिक स्तर पर नुकसान का आकलन किया जा रहा है। पीड़ित परिवारों ने बताया कि इस आग में उनका सब कुछ जलकर खाक हो गया—खाने-पीने का सामान, कपड़े, जरूरी कागजात जैसे आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक से जुड़े दस्तावेज समेत जीवनभर की जमा पूंजी राख में बदल गई।
आग लगने के दौरान गांव में अफरा-तफरी का माहौल रहा। लोग अपने-अपने घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आए। कई परिवार सड़क किनारे अपने सामान के साथ शरण लिए हुए दिखाई दिए। घटना के बाद पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवारों के लिए तत्काल राहत सामग्री, भोजन, कपड़े एवं आवास की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए जंगलों में आग लगाने पर नियंत्रण और जागरूकता बढ़ाने की भी आवश्यकता जताई है।
(समाचार लिखे जाने तक प्रशासन द्वारा राहत पहुंचाने की प्रक्रिया जारी थी।)




