
रिपोर्टर :-उज्जवल कुमार साहा
साहिबगंज। झारखंड के ऐतिहासिक एवं भूवैज्ञानिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राजमहल पहाड़ियाँ इन दिनों शैक्षणिक गतिविधियों का केंद्र बनी हुई हैं। Patna University के M.Sc. जियोलॉजी के छात्रों का चार दिवसीय शैक्षणिक फील्ड ट्रिप 29 मार्च से प्रारंभ हुआ है, जो 1 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इस फील्ड ट्रिप का नेतृत्व मॉडल कॉलेज राजमहल, साहिबगंज के प्राचार्य सह प्रख्यात भू-विज्ञानी Dr. Ranjit Kumar Singh कर रहे हैं।
यह फील्ड ट्रिप Rajmahal Hills क्षेत्र में संचालित हो रहा है, जो अपनी अद्वितीय ज्वालामुखीय संरचनाओं और भू-आकृतिक विशेषताओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ पाए जाने वाले Rajmahal Traps पृथ्वी के इतिहास में हुए विशाल ज्वालामुखीय विस्फोटों के महत्वपूर्ण साक्ष्य हैं, जिनका संबंध प्राचीन गोंडवाना महाद्वीप के विखंडन तथा Kerguelen Hotspot की गतिविधियों से जोड़ा जाता है।
डॉ. सिंह के अनुसार यह फील्ड ट्रिप छात्रों के लिए एक “ओपन लैबोरेटरी” के समान है, जहाँ वे बेसाल्टिक लावा प्रवाह, वेसिकुलर एवं स्तंभाकार संरचनाओं (Columnar Joints) तथा इंटरट्रैपियन अवसादी परतों का प्रत्यक्ष अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कक्षा में पढ़ाए गए सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में समझने के लिए ऐसे फील्ड भ्रमण अत्यंत आवश्यक होते हैं।
इस शैक्षणिक भ्रमण में Dr. Syed Mohammad Salim एवं Dr. Kriti Yadav भी छात्रों के साथ उपस्थित हैं और उन्हें सतत मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
फील्ड ट्रिप के दौरान छात्रों ने Mandro Fossil Park तथा सकरीगली क्षेत्र का भ्रमण किया, जहाँ उन्हें मेसोज़ोइक युग के महत्वपूर्ण पादप एवं जंतु जीवाश्मों का अध्ययन कराया गया। इन जीवाश्मों के माध्यम से उस समय के पालीओपर्यावरण एवं जैव विविधता को समझने में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होती है।
डॉ. सिंह ने बताया कि इस क्षेत्र में पाए जाने वाले जीवाश्म Permineralization प्रक्रिया का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, जिसमें ज्वालामुखीय राख एवं सिलिका युक्त द्रवों के कारण जीवों की सूक्ष्म संरचनाएँ लाखों वर्षों तक सुरक्षित रहती हैं।
यह फील्ड ट्रिप छात्रों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें भू-मानचित्रण (Geological Mapping), खनिज संसाधनों के अध्ययन एवं बायोस्ट्रेटिग्राफी जैसे व्यावहारिक पहलुओं से भी जोड़ता है। साथ ही यह पहल क्षेत्रीय भूवैज्ञानिक विरासत के संरक्षण एवं उसके शैक्षणिक उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
इस दौरान रिसर्च स्कॉलर गणेश मिश्रा सहित छात्र-छात्राएं—प्रिंस, प्रणव, ज्ञान, हर्षिता, अभिषेक, श्रुति, उमाम, सिमरन, आकाश एवं वैभव सक्रिय रूप से अध्ययन में भाग ले रहे हैं। जीवाश्म गाइड के रूप में लक्ष्मण मुर्मू भी टीम के साथ जुड़े हुए हैं।
फील्ड ट्रिप के आगामी चरण में सकरीगली, बोरियो, राजमहल एवं महाराजपुर क्षेत्रों का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा, जहाँ छात्रों को क्षेत्र की विविध भूवैज्ञानिक संरचनाओं का गहन अवलोकन कराया जाएगा।

