भाजपा विधायक की भी नहीं सुनते जिले के अधिकारी शिकायत के बाद भी अब तक नहीं हुई रेंजर फतेहपुर पर कोई कार्रवाई।

रिपोर्ट :- शिवा वर्मा (सम्पादक)
फतेहपुर बाराबंकी। कोतवाली फतेहपुर क्षेत्र के ग्राम असोहना निवासी भाजपा कार्यकर्ता दीपू वर्मा अपने चाचा शत्रोहन पुत्र महावीर प्रसाद के ग्राम वाजिदपुर में लगे एक सूखे आम के पेड़ को कटाने के लिए अनुमति की आवश्यकता थी। जिसे लेकर 29 जून को दीपू वर्मा भाजपा विधायक साकेन्द्र प्रताप वर्मा के पास पहुंचे।
जिस पर विधायक ने फोन पर वन रेन्जर फतेहपुर से परमिट बनाने की बात कही जिसके बाद दीपू वर्मा वन कार्यालय पहुंचे।

दीपू वर्मा जब रेन्जर फतेहपुर कार्यालय पहुंचे और रेंजर से वार्ता की।
दीपू वर्मा का आरोप है कि जब वह कार्यालय पहुंचे तो रेन्जर फतेहपुर प्रमोद कुमार नशे में धुत थे। रेन्जर ने उनसे कहा कि खर्चा लिये बगैर कैसे चले आये। जिसके बाद रेन्जर ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गालियां देना शुरू कर दिया।

यह पूरी बात दीपू ने वापस आकर विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा को बताई। जिसके बाद विधायक ने तत्काल प्रभारी जिलाधिकारी (सीडीओ), एडीएम, एसडीएम और डीएफओ को रेन्जर प्रमोद कुमार के खिलाफ कार्रवाई के
लिये फोन करके सूचित किया।
डीएफओ आकाशदीप बधावन ने कहा कि इस मामले में कार्रवाई करने के लिये वह सक्षम अधिकारी नहीं हैं। उन्होंने इस मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट सारे साक्ष्य और विधायक का पत्र लगाकर मुख्यालय भेज दिया है। साथ ही कार्रवाई के लिये भी लिख दिया है। मेरे स्तर से जो भी कार्रवाई की जा सकती थी, वह की जा चुकी है। रेन्जर फतेहपुर प्रमोद कुमार से दो बार स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है। जिसका जवाब प्रतीक्षित है।




