गणतन्त्र दिवस व बसन्त पंचमी भारत उत्सव का देश है।

रिपोर्ट :- शिवा वर्मा (संपादक)
बाराबंकी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, देशभक्ति नाटकों के साथ विधि महाविद्यालय में मनाया गया गणतन्त्र दिवस व बसन्त पंचमी
भारत उत्सव का देश है, अपनी संस्कृति में जो उच्चतम स्थान है उसे पुनर्जीवित करना होगा। उक्त विचार गणतन्त्र दिवस एवं बसन्त पंचमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए टी.आर.सी कैम्पस के संस्थापक श्री उमेश चन्द्र चतुर्वेदी जी ने सतरिख स्थित टी.आर.सी. लाॅ कालेज में कहीं। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर किया गया। जिसके पश्चात् मंच संचालक छात्र राज श्रीवास्तव ने परिचयात्मक सम्बोधन देकर कार्यक्रम को आगे बढ़ाया।
विधि छात्रा कोमल, आमिना द्वारा गीत अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों, छात्रा वैष्णवी चैधरी द्वारा तेरी मिट्टी में मिल जावां गीत पर पैट्रियाट्रिक नृत्य, छात्रा सांवली मिश्रा द्वारा नगाड़ा संग ढोल पर पर नृत्य प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डा. अश्वनी कुमार गुप्ता ने कहा कि हमें ज्ञान विद्या की देवी माँ शारदे को सदैव नमन करना चाहिए इनके आशीर्वाद से हम लोग निरन्तर बढ़ते हैं। संविधान से हमें व्यक्ति एवं नागरिक होने का अहसास दिलाया गया। संविधान पर आज कल हम अधिकारों की बात तो करते हैं लेकिन मूल कत्र्तव्यों पर बहुत पीछे रह जाते हैं। प्रत्येक विद्यार्थी को समयबद्ध तरीके से कार्य करना चाहिए। अपनी विरासत को सजों कर रखना चाहिए।
टी.आर.सी. कैम्पस के संस्थापक श्री चतुर्वेदी ने कहा कि ‘‘ लोग कहते हैं कि बदलता है जमाना अक्सर, मर्द वो है जो बदल दे जमाने को’’। हम वर्ष के 365 दिन कई पर्व मनाते हैं लेकिन हमें अपने देश के लिए पर्वों को प्रत्येक दिन मनाना चाहिए। उन्होंने कहा बसन्त पंचमी का त्यौहार स्फूर्ति देने वाला होता है क्योंकि माना जाता है कि इसी दिन से ऋतु में परिवर्तन होता है। उन्होंने कवि सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला के जन्मदिन पर उनकी विधि रचनाओं के बारे में भी बताया।
जिसके पश्चात् छात्रा वैष्णवी चैधरी, सांवली द्वारा सरस्वती वन्दना, सौम्या द्वारा आयो रे शुभ दिन आयो रे, अफीफा, सौम्या, वैष्णवी, गायत्री, आलोक, हर्षित, सचिन, शिवकेश, पूनम आदि द्वारा आजादी की लड़ाई को नाटक द्वारा प्रस्तुत किया गया।
अन्त में प्रवक्ता श्री वीर विक्रम ने अपने सम्बोधन में कहा कि हमारे देश में 60 प्रतिशत से ज्यादा युवा हैं, आप किसी भी क्षेत्र की पढ़ाई करते हैं लेकिन सभी के लिए हमारी वाकपटुता अच्छी अवश्य होनी चाहिए, के बाद कार्यक्रम समाप्त हुआ।
कार्यक्रम में श्रीमती श्वेता चतुर्वेदी, सांस्कृतिक समन्वयक श्रीमती दीपमाला श्रीवास्तव, प्रवक्ता श्री नवीन सिंह, श्री शिव गोपाल पाण्डेय सहित विद्यालय के समस्त प्रवक्तागण एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।




