
रिपोर्ट :-आकांक्षा वर्मा।
बाराबंकी। टीआरसी लाॅ काॅलेज में विधि छात्र छात्राओं ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रस्तुत किए गीत एवं नृत्य गुरुवार को सतरिख स्थित टीआरसी ला कालेज में 78वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विविध सांस्कृतिक नृत्य, गीत, भाषण आदि कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधि महाविद्यालय के प्रबंधक डॉक्टर सुजीत चतुर्वेदी एवं प्राचार्य डॉ अश्वनी कुमार गुप्ता ने संयुक्त रूप से मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ शुरू किया गया इसके पूर्व सभी ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रबंधक डॉक्टर सुजीत चतुर्वेदी ने कहा कि वास्तव में जब देश के लिए अमर शहीदों द्वारा दी कुर्बानियों को हम देख, सुन नहीं पाते हैं तो हर देश के सापेक्ष विचार हमारे मन में नहीं आते हैं। उन्हीं में से एक अमर शहीद है चंद्रशेखर आजाद। जिनके समर्पण को राष्ट्रीय पर्वों के द्वारा हमेशा याद करते रहेंगे। ऐसे अनेकको बलिदान है जिनका राष्ट्र के प्रति समर्पण बलिदान ही उन्हें पूरी तरीके से चरमोत्कर्ष पर ले जाता है। उनसे हमे प्रेरणा लेनी चाहिए कि हममें अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए समर्पण की प्यास होनी चाहिए। समर्पण से व्यवहार बदल जाते हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डा. अश्वनी कुमार गुप्ता ने कहा किताबें हम लोगों ने बहुत पढ़ी है, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का इतिहास पढ़ा है और इतिहास बहुत कुछ सीखा है और जाना है लेकिन हमने प्रेरणा नहीं ली। इतिहास से हमें प्रेरणा लेनी चाहिए थी कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने हमें वह साहस दिया जिससे हम आज स्वतंत्र हैं, स्वतंत्रता के साथ जीवित रह सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब हम स्वयं में बदलाव करेंगे और दूसरे को बदलने की कोशिश करेंगे, दूसरों को बदलाव के लिए प्रेरित करेंगे तो वह दो दूर नहीं कि जब 2047 में भारत विकसित हो जाएगा। हम दूसरों से बदलाव की तभी अपेक्षा कर सकते हैं जब हम स्वयं में बदलाव लाएं।
कार्यक्रम में विधि छात्र अजय प्रताप ने ‘ऐ मेरे बिछड़े वतन’ गीत, आदित्य नारायण जायसवाल द्वारा स्पीच, छात्र अनुराग सिंह द्वारा गीत ‘ए वतन’, विधि छात्रा जाह्नवी यादव द्वारा कविता, छात्र शरद शुक्ला द्वारा ‘ए मेरे वतन के लोगों’ गीत, छात्रा संध्या यादव द्वारा स्पीच, छात्रा प्रतिभा द्वारा नृत्य, कोमल सिंह, अजय प्रताप, अनुराग सिंह आदि ने सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।
अंत में सांस्कृतिक समन्वयक डॉक्टर दीप माला श्रीवास्तव ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया।
इस अवसर पर प्रवक्ता नवीन कुमार सिंह, अमजद अंसारी, धर्मेन्द्र कुमार तथा विधि महाविद्यालय के समस्त प्रवक्तागण एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।







