खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सूक्ष्म उद्योगों के विकास हेतु केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कृषको और………!

रिपोर्ट :- शिवा वर्मा (संपादक)
बाराबंकी। शासन के निर्देशानुसार आज दिनांक 22.12.2022 दिन बृहस्पतिवार को उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग, बाराबंकी के तत्वाधान में डी.आर. डी.ए. के गांधी सभागार में आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में सूक्ष्म उद्योगों के विकास हेतु केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कृषको और उद्यमियों को उनकी आर्थिक स्थिति सुधार लाने के लिए खाद्य उद्योग मेला का आयोजन मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती एकता सिंह की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर उप निदेशक उद्यान, अयोध्या मंडल श्रीमती गीता त्रिवेदी भी उपस्थित रहीं। सरकार की मंशा खेती किसानी में उत्पादन का प्रसंस्करण उद्योग से जोड़कर बैंकों से लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। जिला उद्यान अधिकारी महेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत जनपद को इस वित्तीय वर्ष में 232 लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके सापेक्ष अभी तक 48 इच्छुक उद्यमियों ने अपना पंजीकरण भारत सरकार के पोर्टल पर कराए हैं, जो निर्धारित लक्ष्य काफी कम है। अब तक आवेदित किए गए प्रकरणों में बैंकों द्वारा 07 उद्यमियों के लोन को स्वीकृत किया गया है। बैंक स्तर पर आज भी 06 प्रकरण विचाराधीन है । एलडीएम श्री विवेक कुमार ने बैठक में आश्वस्त किया कि बैंक स्तर पर लंबित प्रकरणों को शीघ्र ही निस्तारित करते हुए संबंधित के लोन सैंक्शन हो जाएंगे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित कृषको एवं उद्यमियों से अपील की कि उद्यान, कृषि, डेरी, मत्स्य से संबंधित प्रसंस्करण उद्योग लगाकर इस योजना का लाभ कोई भी उद्यमी प्राप्त कर सकता है। इस योजना में 35% अधिकतम 10 लाख रुपए अनुदान दिए जाने की व्यवस्था की गई है। उद्यमियों को केवल 10% अपने पास से लगाना होता है और शेष 90% बैंक टर्म लोन के रूप में उनको धनराशि उपलब्ध कराता है । इसके साथ ही बैंक ब्याज पर भी 6% छूट की व्यवस्था इस स्कीम में दी गई है। उपस्थित किसको से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि जनपद को काफी भारी संख्या में लक्ष्य प्राप्त है और वित्तीय वर्ष समाप्त होने में मात्र 03 माह बचे हैं इसलिए आप लोग इस दिशा में पूर्ण सक्रियता दिखाते हुए अपने और अपने आसपास के लोगों को प्रेरित करते हुए इस योजना का लाभ प्राप्त करें है। इस योजना में आपकी मदद के लिए डिस्टिक रिसोर्स पर्सन ( डी.आर.पी.) चयनित किए गए हैं। उनके द्वारा ही जिला स्तरीय कमेटी को प्रस्ताव अनुमोदनार्थ प्रस्तुत किए जाते हैं, जिन्हें संबंधित बैंकों को प्रेषित किया जाता है । परीक्षण उपरांत बैंक उनके ऋण को स्वीकृत करते हुए भारत सरकार को अनुदान के लिए प्रेषित करता है। डीआरपी के रूप में जनपद में कार्यरत ब्रिज बिहारी शुक्ला ने इस योजना के बारे में विस्तार से बताया। देशराज, सोमना वर्मा,आशुतोष सिंह, राम सूचित,कपिल बाजपेई, योगेश श्रीवास्तव विपिन कुमार आदि सहित 35 लोगों ने मेले में अपना पंजीकरण करा कर उद्यम लगाने के लिए आवेदन किया।




