माँ ने ममता का कत्ल किया, और निर्दयी दुनिया को छोड़ चली नवजात कन्या।
रिपोर्ट :- शिवा वर्मा (संपादक)
बाराबंकी। कोतवाली नगर क्षेत्र में ग्रीन सिटी रसौली चौपुला के निकट नहर में लावारिस दशा में मिली नवजात बालिका की इलाज के दौरान इकाना स्टेडियम के निकट लोहिया अस्पताल में मृत्यु हो गई। यह नवजात बालिका 30 अक्टूबर, (रविवार) की भोर में नहर में पानी के किनारे पन्नी में लिपटी पड़ी थी, जिसे गोंडा बसंतपुर थाना मोहम्मदपुर खाला निवासी सुश्री ज्योति पुत्री राजकुमार व श्री चंदन पुत्र राम चरन जो ग्रीन सिटी के पास झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं, ने शौच जाने पर नवजात को पन्नी में छटपटाते देखा और उसे अपने साथ उठा लाये। नवजात बालिका की हालत खराब देखने पर उठाकर ले जाने वाले व्यक्ति ने नवजात कन्या के मिलने की सूचना डायल 112 एवं चाइल्ड लाइन 1098 पर सुबह 09:14 बजे की, सूचना पर डायल 112 एवं चाइल्ड लाइन की टीम ने नवजात बालिका को तुरंत अपने संरक्षण में लिया और जिला अस्पताल लेकर पहुंची। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने नवजात की प्रारम्भिक इलाज कर हालत अत्यंत गम्भीर होने पर डॉ राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ रिफर कर दिया। इधर नवजात के मिलने की सूचना चाइल्ड लाइन टीम ने बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं सदस्यों को दिया। बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमती रचना श्रीवास्तव जिला अस्पताल पहुंची और नवजात को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराने का आदेश दिया। नवजात की हालत अत्यंत गम्भीर होने की दशा में लोहिया अस्पताल में भर्ती कराने में कोई हीलाहवाली न हो, तत्काल भर्ती हो जाये इसके लिए बाल कल्याण समिति के सदस्य श्री राजेश शुक्ला लोहिया अस्पताल अग्रिम पहुंचकर चिकित्सकों से नवजात को भर्ती कराने की कार्यवाही शुरू कराई, जब चाइल्ड लाइन की टीम सदस्य सुश्री जीनत बेबी व श्री प्रदीप कुमार एम्बुलेंस से नवजात बालिका को लेकर लोहिया अस्पताल पहुंचे और चिकित्सको ने इलाज करना शुरू किया तब तक नवजात बालिका की मृत्यु हो गई। चिकित्सको ने बताया कि नवजात बालिका प्री मेच्योर जन्मी है, इसका वजन मात्र एक किलो 360 ग्राम है। नवजात स्वांस नही ले पा रही थी, गले मे जकड़न थी जिस कारण नवजात की मृत्यु हो गई है। चाइल्ड लाइन की टीम नवजात शिशु का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार करने की विधिक कार्यवाही करा रही है।




