ब्यूरो चीफ: दिलीप मिश्रा।
फतेहपुर, बाराबंकी। नगर के मोहल्ला पचघरा में चल रही सात दिवसीय श्री मद्भागवत कथा के दूसरे दिन लखनऊ से पधारे कथावाचक पूजनीय सुधारकर ब्यास जी ने कथा सुनाते हुए कहा कि संसार का एक नाम दुखलाय भी है, प्राणियों को जीवन के दुखों से मुक्ति पाने के लिए श्रीमद भगवत कथा का रसपान अवश्य करना चाहिए। श्रीमद भगवत कथा नारायण का ही स्वरूप है। दूसरे दिन की भावपूर्ण कथा सुन भक्त भाव विभोर हो उठे। इस मौके पर ब्रजेन्द्र शर्मा , तेज प्रताप शर्म , सुरेंद्र , जगदम्बा प्रसाद , द्वारिका प्रसाद ,रुचि , मृदुल , प्रखर कुमार शर्मा , मानसी , मनु , साँची , आशा शर्मा के साथ सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।