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उप राष्ट्रपति सचिवालय

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    महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय सांगासी, झुंझुनू में उपराष्ट्रपति के संबोधन का पाठ (सारांश)

    रिपोर्ट:-शमीम  मुझे बड़ी ख़ुशी हुई जब आपकी प्रिंसिपल शारदा जी को संदेश मिला, तो उन्होंने बड़ी उत्सुकता दिखाई और मुझे लग गया कि इस विद्यालय का सृजन ठीक तरीके से हो रहा है। वो साधुवाद की पात्र हैं। उन्होंने कहा है, कंप्यूटर लैब के बारे में। इस कंप्यूटर लैब की व्यवस्था डॉ. सुदेश धनखड़ करेंगी। मेरी बात हो गई है और तीन महीने में यह सक्रिय हो जाएगी। झुंझुनू की भूमि खासतौर से लड़कियों के लिए, बहुत बड़ा उदाहरण प्रस्तुत करती है। श्रीमती कमला बेनीवाल जी मंत्री रही, बहुत पहले विधायक बनीं, राजस्थान की उपमुख्यमंत्री रहीं और उसके बाद गुजरात की राज्यपाल रहीं, वह इसी जिले से हैं। अंदाजा लगाइए, उस समय उन्होंने कैसे कहां पढ़ाई की, वनस्थली विद्यापीठ में। श्रीमती सुमित्रा सिंह कई बार विधानसभा की सदस्य बनीं, मंत्री बनी और राजस्थान विधानसभा की अध्यक्षा बनी। प्रभावी नेतृत्व, वह भी यहा से ही हैं और वनस्थली विद्यापीठ से ही पढ़ी हैं। उसी तरीके से डॉ. सुदेश धनखड़ भी वनस्थली विद्यापीठ से ही पीएचडी है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम ये कोई छोटा कदम नहीं है। भारत के संविधान में बदलाव कि विधानसभा हो चाहे लोकसभा, एक तिहाई महिला होंगी। बड़ा भारी बदलाव आएगा, नीति निर्माण ठीक होगा। शासन व्यवस्था सुचारु होगी। जब मैं सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ गया। मैंने कल्पना नहीं की थी कि सैनिक स्कूल में लड़कियां जायेंगी। अपनी यहां भी सैनिक स्कूल है।लड़कियों का एडमिशन सैनिक स्कूल में चालू हो गया है। यह बहुत बड़ा कदम है। कभी सोचा नहीं था कि ऐसी सैनिक स्कूल बनेगी जिसमें सिर्फ लड़कियां होगी। मथुरा के अंदर एक सैनिक स्कूल बन गई है। हेमा मालिनी जी वहां की सांसद है। वहां सैनिक स्कूल में सिर्फ लड़कियों की भर्ती होती है। आज के दिन,एनसीसी में, जहां गणतंत्र दिवस के पहले, मैं और डॉक्टर सुदेश, उनसे मिलते हैं। बड़ा अच्छा लगा कि एनसीसी में बच्चियों की संख्या करीब-करीब लड़कों के बराबर आ गई है और, कभी नहीं सोचा था, कि लड़ाकू जहाज, हवाई जहाज लड़कियां चलाएंगी, चला रही हैं तो आज के दिन आपके सामने कोई पाबंदी नहीं है। आज के दिन, विकसित भारत का सपना नहीं है; विकसित भारत एक लक्ष्य है। मेरा आप सभी से आग्रह है, आप हर पल गुणात्मक बदलाव अपने में लाइए। जीवन में कुछ मूल्य डालें अनुशासन का, दूसरे का आदर करने का, माता-पिता का सम्मान करना, गुरुजनों का चरण स्पर्श करना, परिवार के अंदर घुल-मिलना, पड़ोसी का ध्यान रखना। यह हमारी संस्कृति का निचोड़ है। हमें जो साधारण कार्य हैं, की हमें अच्छे नागरिक की भूमिका निभानी चाहिए। हम अपने कर्तव्यों की बात करते हैं तो अच्छा लगता है। अधिकारों की करें, दिक्कत नहीं है, यह करना चाहिए, भारत के संविधान ने यह अधिकार दिए गए हैं। पर, कर्तव्यों को हमेशा अधिकारों से ऊपर रखो। रोज़ कुछ न कुछ सीखने की आदत डालो। आप स्वास्थ्य के प्रति सजग रहिए। यदि अगर स्वस्थ नहीं रहोगे, तो किसी और की मदद करने के बजाय किसी और की मदद मांगोगे आप। आज के दिन खुद सीखने का भी बहुत अच्छा तरीका उपलब्ध है। आपको यह सब करना चाहिए। आज का भारत दुनिया में तकनीकी में सबसे आगे हैं। आप अन्दाजा लगाईये, साल में तीन बार दस करोड़ किसान आपके माता पिता सीधा तीन बार साल के अंदर कृषि के लिए केंद्र का धन प्राप्त करते हैं। इसकी अहमियत समझिए कि भेजने वाले की ताकत तो है, पर रिसीव करने के वाले की भी है। ज़्यादा से ज़्यादा, पाठ्यक्रम के अलावा भी पढ़ने की आदत डालो। वो ज़माना बदल गया, जब यह तय होता था कि व्यापार करेगा, जिसका बाप बड़ा व्यापारी है, बड़ा उद्योगपति है। वो ख़त्म हो गई बात। भारत की राष्ट्रपति कौन हैं आज के दिन? और जनजाति से हैं। बड़ा परिश्रम करके वो विधायक बनीं, मंत्री बनीं और हम साथ साथ राज्यपाल भी रहे। और आज, देश के सबसे बड़े पद पर हैं। इसका मतलब, भारत में सच्चा लोकतंत्र है। यह किसी के लिए इसलिए रिजर्व्ड नहीं है कि कोई एक विशेष वर्ग से हो या किसी वट वर्ग से जुड़ा हुआ हो, ऐसा नहीं है। अब यह देखिए, मोदी जी का जीवन! बचपन में कितना कष्टमयी था। कैसे आजीविका की? रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे। कुछ लोग मखौल उड़ाते हैं इस बात का, मुझे बड़ी खिन्न होती है। इनको कहते हैं “गुदड़ी का लाल”। मैं खुद, यदि सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ की स्कॉलरशिप नहीं मिलती, तो जीवन अलग होता। आज के दिन जो चीजें तब नहीं थी, आपके लिए उपलब्ध हैं। और उपलब्धि किस हद तक है? हमारे समय घर में शौचालय नहीं था, घर में बिजली नहीं थी। इंटरनेट की तो बात ही छोड़ दो। घर में नल आ जाए ये तो सपना ही नहीं था, सड़क तो दूर-दूर की बात थी, आज के दिन नज़र फेरो, ये सब सुविधा हैं, 140 करोड़ जनता को मिल रही हैं। दुनिया के देशों के जो बड़े लोग हैं, वो जब चर्चा करते हैं, अचंभित हो जाते हैं, कि भारत में 12 करोड़ घरों में शौचालय है। 55 करोड़ लोगों को बैंक के अंदर एकाउंट खुलवा दिया गया है। इंटरनेट का यह मामला है और इंटरनेट तकनीकी से जुड़ा हुआ है कि चीन को और अमेरिका दोनों को मिलालो नहीं तो भी प्रति व्यक्ति खपत हमारे यहां ज्यादा है। सड़कों का जाल, एयरपोर्ट का जाल, नई-नई ट्रेन आ रही हैं। इसमें एक बात का ध्यान रखना है। राष्ट्रधर्म, राष्ट्रवाद, राष्ट्रहित – इससे उपर को लिए हित नहीं है। दूसरा, महात्मा गांधी का एक बड़ा नारा था। बड़ा कारगर साबित हुआ आजादी के अंदोलन में और वो नारा था ‘स्वदेशी’ । आप भी स्वदेशी का ही उपयोग करो, आदत कर लो। जब भी बाहर का कोई कमीज हो, पैंट हो, आपका कोई भी साधन हो। ये कैसी प्रवृत्ति आ गई है कि दिये बाहर से आ…

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    उपराष्ट्रपति 15 फरवरी, 2025 को जम्मू (जम्मू-कश्मीर) का दौरा करेंगे

    उपराष्ट्रपति श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि होंगे रिपोर्ट:-शमीम  उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ 15…

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    किसान के हाथों में राजनीतिक ताकत और आर्थिक योग्यता है; उसे किसी की मदद का मोहताज नहीं होना चाहिए- उपराष्ट्रपति

    विकसित भारत की महायात्रा में किसान की भूमिका को कोई कुंठित नहीं कर सकता; आज की शासन व्यवस्था किसान के…

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    चित्तौड़गढ़ में अखिल मेवाड़ क्षेत्र जाट महासभा में उपराष्ट्रपति के संबोधन का पाठ (अंश)

    रिपोर्ट:-शमीम  राम राम सा ! मैं यहाँ 25 साल बाद आया हूँ, 25 साल पहले इसी जगह पर एक बहुत…

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    उपराष्ट्रपति 31 जनवरी, 2025 को चेन्नई (तमिलनाडु) का दौरा करेंगे

    शिक्षा, सुगमता और कल्याण की वकालत पर बधिर और दृष्टिहीन के तीसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में उपराष्ट्रपति मुख्य अतिथि होंगे रिपोर्ट:-शमीम …

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    उपराष्ट्रपति 24 जनवरी को समस्तीपुर (बिहार) एवं लखनऊ (उत्तर प्रदेश) का दौरा करेंगे

    उपराष्ट्रपति समस्तीपुर में भारत रत्न श्री कर्पूरी ठाकुर की 101वीं जयंती समारोह में मुख्य अतिथि होंगे उपराष्ट्रपति लखनऊ में उत्तर…

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    भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली में नंदलाल नुवाल भारत विद्या केंद्र के शिलान्यास समारोह में उपराष्ट्रपति के संबोधन का मूल पाठ (अंश)

    रिपोर्ट:-शमीम  परम आदरणीय श्री बनवारीलाल पुरोहित जी, मैं समझता हूं, नाम ही काफी है। 80 की उम्र में भी शेर…

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    उपराष्ट्रपति 21 जनवरी, 2025 को छत्तीसगढ़ के रायपुर का दौरा करेंगे

    उपराष्ट्रपति एनआईटी रायपुर, आईआईटी भिलाई, आईआईएम रायपुर के छात्रों से बातचीत करेंगे रिपोर्ट:-शमीम  उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ 21 जनवरी, 2025 को छत्तीसगढ़ के…

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    उपराष्ट्रपति 17 से 19 जनवरी, 2025 तक लक्षद्वीप का दौरा करेंगे

    लक्षद्वीप के अपने पहले दौरे पर उपराष्ट्रपति सार्वजनिक समारोह में भाग लेंगे, सार्वजनिक परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और स्वयं सहायता…

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    चौधरी चरण सिंह पुरस्कार 2024 पर उपराष्ट्रपति के संबोधन का मूल पाठ

    रिपोर्ट:-शमीम  देवियो और सज्जनो, सबसे पहले पुरस्कार विजेताओं को मेरी बधाई। चारों पुरस्कार विजेताओं ने अपने प्रामाणिक योगदान के लिए विश्वसनीयता…

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