
रिपोर्ट :- शिवा वर्मा (संपादक)
बाराबंकी। शिवसेना उद्धव बाला साहब ठाकरे के शिसैनिकों ने आज सोमैया नगर देवा रोड़ स्थित कार्यालय पर शहीद भगत सिंह को बलिदान दिवस के मौके पर पुष्प अर्पित करते हुए नमन कर श्रद्धांजलि दी
इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश महासचिव मनोज मिश्र विद्रोही ने शिवसैनिको को संबोधित करते हुए कहा कि बात 23 मार्च 1931 की शाम की है। भगत सिंह प्राणनाथ मेहता की लाई लेनिन की जीवनी पढ़ रहे थे। अफसर ने दरवाजा खोला और कहा, “सरदार जी, फांसी लगाने का हुक्म आ गया है। तैयार हो जाइए।” भगत सिंह के हाथ में किताब थी, उससे नज़रे उठाए बिना ही उन्होंने कहा, “ठहरिये! एक क्रांतिकारी दूसरे क्रांतिकारी से मिल रहा है।” कुछ और पंक्तियां पढ़कर उन्होंने किताब रखी और उठ खड़े होकर बोले, चलिए!…और कपट पूर्ण निर्णय व साजिश के तहत ब्रिटिश हुकूमत ने भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को तय दिन से एक दिन पहले फांसी दे दी गई। आज के दिन हम सब भगत सिंह ,सुखदेव, राजगुरु को नमन कर संकल्प लेते है कि देश विरोधी विघटन कारी ताकतो से संघर्ष करते रहेंगे

इस मौके पर जिला वरिष्ठ उप प्रमुख कमलेश सिंह चौहान, जिला उप प्रमुख दीपू वाल्मिकी उर्फ पंडित जी, जिला सचिव बलबीर वर्मा, जिला मीडिया प्रभारी एस एन मिश्र,युवा सेना जिला प्रमुख मनोज सिंह मिंटू,विद्यार्थी सेना जिला प्रमुख दिव्य प्रकाश पाठक,राम सनेही घाट प्रभारी फूल चंद्र वर्मा, राम सनेही घाट तहसील प्रमुख परशुराम वर्मा त्यागी,सुशील सिंह,रमेश वर्मा,अशोक कुमार,सरवन बाबा, ननकऊ आदि प्रमुख रूप उपस्थित थे।




