
रिपोर्टर :- उज्जवल कुमार साहा
साहिबगंज। मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बोरियो प्रखंड क्षेत्र के बास्को बड़तल्ला से कदमपुर गांव तक निर्माणाधीन पीसीसी सड़क को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्य में नियमों की खुलेआम अनदेखी और गुणवत्ता में भारी कमी का आरोप लगाया है।
कदमपुर गांव के ग्राम प्रधान जूना हेंब्रम ने बताया कि सड़क निर्माण कार्य से संबंधित डीपीआर (DPR) और एस्टीमेट उन्हें नहीं दिखाया गया है। ऐसे में उन्हें यह तक स्पष्ट नहीं है कि सड़क का निर्माण किस मानक और डिजाइन के अनुसार किया जाना है। उन्होंने कहा कि बिना जानकारी दिए काम कराया जाना पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। निर्माण के दौरान न तो मानकों का पालन किया जा रहा है और न ही सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान दिया जा रहा है। सबसे हैरानी की बात यह रही कि निरीक्षण के दौरान संबंधित विभाग के इंजीनियर मौके पर मौजूद नहीं थे, जिससे निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ग्राम प्रधान जूना हेंब्रम ने निर्माण कार्य पर असंतोष जताते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जब भी लोग या जनप्रतिनिधि गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाते हैं, तो ठेकेदार और इंजीनियर उच्च अधिकारियों को गुमराह करते हैं। कई बार यह आरोप लगाया जाता है कि ग्रामीण या प्रधान पैसे की मांग कर रहे हैं, जिससे वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटक जाता है। इसका परिणाम यह होता है कि बड़े अधिकारी मौके पर जांच करने नहीं पहुंचते और खराब निर्माण कार्य जारी रहता है।
ग्रामीणों ने बताया कि महज लगभग 4 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 4 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक की राशि आवंटित की गई है। इसके बावजूद निर्माण कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच हो और दोषी ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से आम जनता तक पहुंच सके।



