हॉकी के जादूगर महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की 118वीं जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई गई।
रिपोर्ट :- शिवा वर्मा (संपादक)
बाराबंकी। हॉकी के जादूगर महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की 118वीं जयंती राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाई गई। इस दौरान गांधी भवन में मेजर ध्यानचंद को याद किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व विधायक सरवर अली ने की। उन्होंने कहा कि खेल हमें एकता, बंधुत्व और सहिष्णुता का संदेश देता है। महात्मा गांधी स्पोर्टस क्लब हॉकी की नर्सरी तैयार कर रही है। इसी क्लब से एक दिन कोई खिलाड़ी ध्यानचन्द, तो कोई के.डी. सिंह बाबू बनकर जिले का नाम रोशन करेगा। उन्होंने कहा कि मेजर ध्यानचंद ने अपनी प्रतिभा और परिश्रम से हॉकी को अमर कर दिया। ध्यानचंद 22 साल तक भारत के लिए खेले और 400 इंटरनेशनल गोल किए। तानाशाह हिटलर से लेकर महान क्रिकेटर सर डॉन ब्रैडमैन तक उनके मुरीद थे। सही मायनों में मेजर ध्यानचन्द भारत के खेलरत्न थे। महात्मा गांधी स्पोर्टस क्लब के संस्थापक राजनाथ शर्मा ने कहा कि हॉकी के खेल में ध्यानचंद ने लोकप्रियता का जो कीर्तिमान स्थापित किया, उसके आसपास आज तक दुनिया का कोई खिलाड़ी नहीं पहुँच सका। हॉकी जगत में मेजर ध्यानचंद जैसा खिलाड़ी अब तक नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि क्रिकेट की लोकप्रियता के आगे हॉकी का इतिहास पन्नों में सिमटकर रह गया है। हॉकी का खोया हुआ सम्मान दिलाने के लिए मेजर ध्यानचंद और के.डी सिंह बाबू जैसे खिलाड़ियों को तैयार करना होगा। जो देश का सम्मान और गौरव वापस दिला सकें। कार्यक्रम का संचालन पाटेश्वरी प्रसाद ने किया। इस मौके पर क्लब के सचिव विनय कुमार सिंह, हॉकी के सीनियर खिलाड़ी मुजीब अहमद, धनंजय शर्मा, सत्यवान वर्मा, मृत्युंजय शर्मा, अशोक जायसवाल, राजू सिंह, संतोष शुक्ला, साकेत संत मौर्य, नीरज दूबे, राजेश यादव, महेन्द्र रावत, रंजय शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।




