स्वामी विवेकानंद संदेश यात्रा आगमन पर जगह जगह स्वागत हुआ।

रिपोर्ट :- शिवा वर्मा (संपादक)
बाराबंकी। स्वामी विवेकानंद संदेश यात्रा आगमन पर जगह जगह स्वागत हुआ। जवाहर लाल नेहरू पी0जी0 कॉलेज गेट पर डॉ0 पी0 जे0 पांडेय के नेतृत्व में अजय गुरु जी, डॉ0 विनयदास,प्रो0 हेमन्त कुमार सिंह, डॉ0 विजय वर्मा, प्रो0 सन्तोष कुमार गौड़, प्रो0 अनिता सिंह, सुधीर कुमार मिश्र डॉ0 अंबरीश अम्बर ने विवेकानंद जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए यात्रा दल का भावपूर्ण स्वागत किया।

एन सी सी कैप्टन डॉ0 नेहा सिंह के नेतृत्व में एन सी सी कैडेट्स द्वारा यात्रा को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
इसके उपरांत शाम डॉ0 जे पी एन सिंह स्मृति सभागार, बाराबंकी में आयोजित विमर्श कार्यक्रम में विशिष्ट वक्ता अरविन्द मिश्र ने कहा कि विवेकानंद जी के चरित्र को वर्तमान में युवकों को अपने जीवन में आत्मसात करने की जरूरत है। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता संजय ने विवेकानंद के वाक्य ” गर्व से कहो हम हिन्दू हैं” की भूमिका से अपनी बात शुरू की। श्री संजय ने यह भी कहा कि कर्म को आधार बताने वाले स्वामी जी ने स्थूल और सूक्ष्म शरीर से क्रियाशील रहते हुए भारत और आध्यात्म की नवीन आयाम दिए। स्वामी जी ने नदी पहाड़ पेड़ इत्यादि को सिर्फ भौतिक रूप में ही स्वीकार नहीं किया।

एक आध्यात्मिक दृष्टि व भाव के साथ देखते हैं, एक भवपूर्ण नाता जोड़कर देखते हैं। संगोष्ठी की अध्यक्षता कॉलेज के प्राचार्य प्रो0 सीताराम सिंह, यात्रा संयोजक प्रो0 शार्दुल विक्रम सिंह सहित अभिषेक, अजय सिंह ‘जय माता दी’ पंकज गुप्ता पंकी, प्रदीप सारंग, शिवेन्द्र प्रताप सिंह, डॉ0 शशि जायसवाल, कवि प्रदीप महाजन, किरन भारद्वाज, पूजा तिवारी, नशरा बानो आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन प्रो0 मनीष पाण्डेय ने किया।




