मोहम्मदपुर बना ‘तालाब घरों में घुसा गंदा पानी, ग्रामीणों में आक्रोश।

रिपोर्ट:- आकांक्षा वर्मा
हैदरगढ़, बाराबंकी।
तस्वीरें किसी बाढ़ प्रभावित इलाके की नहीं, बल्कि विकासखंड हैदरगढ़ के मोहम्मदपुर गांव की हैं, जहां प्रशासनिक लापरवाही ने पूरे गांव को जलभराव की जेल में कैद कर दिया है। गांव की गलियां तालाब बन चुकी हैं और लोग घुटनों तक गंदे पानी में खड़े होकर अपनी पीड़ा बयां करने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि तालाब से पानी की निकासी वर्षों से उपेक्षित है। बरसात होते ही पानी गलियों और घरों में घुस जाता है। कई बार ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव, ग्राम विकास अधिकारी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला, समाधान नहीं।
तस्वीरें खुद चीख-चीखकर कह रही हैं कि यहां विकास नहीं, लापरवाही का राज है। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे गंदे पानी के बीच रहने को मजबूर हैं। लोगों के घरों के बाहर जलभराव है और मच्छरों का आतंक अलग। ऐसे में संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि “शिकायत करते-करते थक गए, लेकिन जिम्मेदारों की नींद नहीं खुली। लगता है अधिकारी जनता की नहीं, सिर्फ फाइलों की सुनते हैं।”
(ग्रामीणों का तीखा तंज)
“जनता पानी में खड़ी है और अफसर मलाई में पड़े हैं।
गांव में गलियां नहीं, तालाब दिखाई दे रहे हैं।
सरकारी योजनाएं पोस्टरों में चमक रही हैं, लेकिन मोहम्मदपुर की सच्चाई घुटनों तक भरे गंदे पानी में डूब रही है।”
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना या महामारी का इंतजार कर रहा है? आखिर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई? यदि समय रहते जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल जल निकासी की व्यवस्था कराई जाए, तालाब की सफाई कराई जाए और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।



