पांच दिवसीय मधुमक्खी पालन, शहद उत्पादन तकनीक प्रशिक्षंण संपन्न।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना में आयोजित हुआ किसानों के पांच दिवसीय प्रशिक्षण।

रिपोर्ट-विजय पाल चतुर्वेदी
सिद्धार्थनगर – शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र सोहना सिद्धार्थनगर में पांच दिवसीय मधुमक्खी पालन व शहद उत्पादन तकनीक प्रशिक्षंण के समापन पर केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डाक्टर प्रदीप कुमार ने बताया मधुमक्खी पालन से बढ़िया मुनाफा कमाया जा सकता है। बशर्ते आपको इसके बारे में सही जानकारी होनी चाहिए। मधुमक्खी पालकों को मधु के कारोबार में निवेश करने से पहले ये जरूर जान लेना चाहिये कि जिले के किस हिस्से में फूलों के मधु की उपलब्धता है। अगर आपको ये जानकारी हो तो मधुपालन आपके लिए मुनाफे का कारोबार हो सकता है। डाक्टर प्रदीप कुमार ने बताया मधुमक्खी पालन उद्योग करने वालों की खादी ग्रामोउद्योग कई तरह से मदद करता है। मधुमक्खी पालन एक लघु व्यवसाय है,जिससे शहद एवं मोम प्राप्त होता है। कृषि वैज्ञानिक डाक्टर एस एन सिहं ने बताया मधुमक्खियां परागण क्रिया करती हैं जो खेती के उत्पादन को काफी बढ़ा सकता है। डाक्टर एस के मिश्रा ने चर्चा में कहा कि ऑफ सीजन में मधुमक्खी पालन से प्राप्त होने वाले डंक, ‘प्रोपोलिस’,छत्ते से प्राप्त होने वाले मोम इत्यादि की बिक्री करके किसान अच्छी आय कमा सकते हैं। 20 प्रशिक्षणार्थियों हजरत उल्लाह,असगर अली,शिवपूजन, चंद्रिका प्रसाद,वीर बहादुर यादव आदि मौजूद रहे।




